मुंबई : वो उम्र जो खेलने और पढ़ने की होती है. इस उम्र में बच्चों को कैंसर का इलाज होते देखना दर्दनाक है. ऐसे में बच्चों और उनके माता-पिता की मानसिक स्थिति का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है. बच्चों को उनका बचपन नहीं मिलता. इस पृष्ठभूमि में, राज्यपाल रमेश बैस ने शनिवार को यहां कहा कि टाटा मेमोरियल सेंटर और गैर-सरकारी संगठनों द्वारा कैंसर रोगियों और उनके माता-पिता की मदद के लिए किया गया कार्य सराहनीय है. टाटा मेमोरियल अस्पताल में 50 कैंसर मरीजों का इलाज चल रहा है. शनिवार को (18 मार्च) राज्यपाल रमेश बैस अपने माता-पिता के साथ राजभवन मुंबई में मिले, उस समय वे बोल रहे थे. राजभवन में बच्चों के दौरे का आयोजन टाटा मेमोरियल सेंटर – इम्पैक्ट फाउंडेशन और कृष फाउंडेशन द्वारा किया गया था. राज्यपाल ने कहा कि उचित और समय पर उपचार से बच्चे कैंसर पर पूरी तरह से काबू पा सकते हैं और उसके बाद एक अच्छा जीवन जी सकते हैं. इस मौके पर राज्यपाल ने बच्चों को उपहार बांटे और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की. राज्यपाल ने टाटा मेमोरियल सेंटर के इम्पैक्ट फाउंडेशन और क्रिश फाउंडेशन को 5 लाख रुपये देने की घोषणा की. राज्यपाल से मुलाकात के बाद बालक राजभवन पहुंचे. इस अवसर पर इम्पैक्ट फाउंडेशन की सीईओ शालिनी जटिया, क्रिश फाउंडेशन की संस्थापक नवीन शेट्टी, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वेंकट राम मोहन और लहर बच्छावत भी मौजूद थे.
कम उम्र में कैंसर का इलाज कराने का दर्द?
Pranaykumar Bandi
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