चंद्रपुर : अवांछित, गर्भ धारण करने और गर्भपात करने में असमर्थ बच्चे के साथ क्या करें? ऐसा विचार कर उक्त बालक को सूनसान में छोड़ दिया जाता है. हालांकि, ऐसा किए बिना पैदा हुए शिशुओं को प्रशासन द्वारा सुरक्षित आश्रय प्रदान किया जाता है. इसलिए महिला विकास मंडल द्वारा संचालित चाइल्ड चंद्रपुर ने अपील की है कि अवांछित व अनाथ बच्चों को छोड़े बिना संबंधितों को चाइल्ड लाइन सिस्टम से संपर्क करना चाहिए.
जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल कल्याण समिति, जिला बाल संरक्षण प्रकोष्ठ, चाइल्ड लाइन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग समेत तमाम व्यवस्थाएं नवजात शिशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने का काम करती हैं. पिछले कुछ वर्षों में शहर के साथ-साथ जिले में भी नवजात शिशुओं के सार्वजनिक और परित्यक्त स्थानों पर पाए जाने के मामले सामने आए हैं और पुलिस ने ऐसे मामलों में मामले दर्ज किए हैं. सभी को जीने का अधिकार है. इसी तरह यदि कोई बच्चा नहीं चाहता है और उसे पैदा होना है और फिर उसकी देखभाल करने में असमर्थ है तो संबंधित को चाइल्ड लाइन और पुलिस को सूचित करना चाहिए. इसमें संबंधित का नाम गोपनीय रखा जाता है.
जिला स्तरीय बाल कल्याण समिति को सूचना दी जाती है तो समिति की टीम संबंधित स्थान पर पहुंचकर नवजात शिशु को अपने कब्जे में ले लेती है. जिले में जिन मामलों में बच्चे जीवित पाए गए हैं, उनमें अज्ञात माताओं के खिलाफ कई मामले दर्ज किए गए हैं. अनचाहे बच्चे के जन्म के बाद उसे फेंकने के बजाय बाल कल्याण समिति से संपर्क करना चाहिए. समिति सभी शिशुओं को सुरक्षित रखती है और उनकी देखभाल करती है. यदि कोई अनाथ बच्चा मिलता है तो इसकी सूचना महिला हेल्पलाइन को भी दी जा सकती है और हेल्पलाइन की सदस्य बच्चे को पुलिस को सौंप कर उसकी प्रक्रिया करती हैं. हर थाने में भरोसा प्रकोष्ठ का गठन किया गया है, इस प्रकोष्ठ को ऐसी घटनाओं की जानकारी दी जा सकती है. अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें 07172 – 299559, चाइल्ड लाइन चंद्रपुर ने सूचित किया.
अवांछित व अनाथ बच्चों को छोड़े बिना चाइल्ड लाइन से संपर्क करने की अपील
Pranaykumar Bandi
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