नेपाल में 794 लोगों की मौत, 2,500 से अधिक लापता
काठमांडू: नेपाल में बुधवार को आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया गया है। बाढ़ और मलबे के कारण हाइड्रोपावर परियोजनाओं की कई सुरंगों में सैकड़ों लोगों के फंसे होने की आशंका है। बचाव दल इन सुरंगों के भीतर मौजूद लोगों तक पहुंचने और उनसे संपर्क स्थापित करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन में नेपाल के अलावा भारत और चीन के विशेषज्ञों की टीमें भी मदद कर रही हैं। बचावकर्मी अत्याधुनिक उपकरणों और तकनीकी विशेषज्ञता के जरिए सुरंगों के अंदर फंसे लोगों की स्थिति का पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, अब तक कई स्थानों पर सुरंगों के भीतर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है, जिससे चिंता बढ़ गई है।
त्रिशूली-3A परियोजना पर विशेष ध्यान
बचाव अभियान में त्रिशूली-3A हाइड्रोपावर परियोजना को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फ्लैश फ्लड के कारण परियोजना क्षेत्र में भारी मात्रा में पानी और मलबा पहुंच गया है। सुरंगों के रास्ते अवरुद्ध होने से अंदर मौजूद लोगों तक पहुंचना बेहद चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
रेस्क्यू टीमें मलबा हटाने, सुरंगों के अंदर हालात का आकलन करने और किसी भी संभावित जीवित व्यक्ति तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियां बचाव कार्य में बड़ी बाधा बनी हुई हैं।

नेपाल में 794 लोगों की मौत, 2,500 से अधिक लापता
बाढ़ और उसके बाद हुए विनाश में नेपाल में अब तक कम से कम 794 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि 2,500 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। लापता लोगों की संख्या अधिक होने के कारण मृतकों का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
कई इलाकों में सड़कें, पुल और घर बाढ़ की चपेट में आने से संपर्क व्यवस्था प्रभावित हुई है। मलबे में दबे लोगों की तलाश के साथ-साथ प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने का काम भी जारी है।
तिब्बत में भी भारी तबाही
नेपाल के साथ पड़ोसी तिब्बत भी इस प्राकृतिक आपदा से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वहां 16 लोगों की मौत हुई है, जबकि 546 लोग अब भी लापता हैं।
लगातार लापता लोगों की तलाश और प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचाने के लिए स्थानीय प्रशासन के साथ अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ भी प्रयास कर रहे हैं।
सुरंगों में फंसे लोगों को बचाना सबसे बड़ी चुनौती
हाइड्रोपावर परियोजनाओं की सुरंगों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना बचाव दल के सामने सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। सुरंगों में पानी भरने, मलबा जमा होने और रास्ते बंद होने के कारण बचावकर्मियों के लिए अंदर तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है।
इसके बावजूद रेस्क्यू टीमें अभियान जारी रखे हुए हैं और किसी भी संभावित जीवित व्यक्ति को बचाने की उम्मीद में सुरंगों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि लापता लोगों की तलाश और राहत-बचाव अभियान को प्राथमिकता दी जा रही है।




