घुग्घुस, चंद्रपुर : केंद्र सरकार के ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान के तहत सरकारी कामकाज और नागरिकों की शिकायतों को डिजिटल माध्यम से अधिक सुलभ बनाने पर जोर दिया जा रहा है। लेकिन चंद्रपुर जिले में राज्य उत्पादन शुल्क विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रदर्शित ईमेल आईडी पर शिकायत या निवेदन भेजने की कोशिश करने पर यदि नागरिकों को ‘Address not found’ और ‘550 5.1.1 User does not exist’ जैसी डिलीवरी फेल्युअर रिपोर्ट मिलती है, तो यह डिजिटल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
महाराष्ट्र राज्य उत्पादन शुल्क विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के संपर्क पृष्ठ पर चंद्रपुर जिले के अधीक्षक, राज्य उत्पादन शुल्क कार्यालय के लिए sptchandrapur-excise@mah.gov.in ईमेल आईडी तथा कार्यालय का दूरध्वनी क्रमांक प्रदर्शित है।
लेकिन शिकायतकर्ता द्वारा इसी ईमेल पते पर निवेदन भेजे जाने पर प्राप्त डिलीवरी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से “Address not found” दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट के अनुसार संदेश संबंधित पते पर डिलीवर नहीं हो सका और रिमोट सर्वर की प्रतिक्रिया थी— “550 5.1.1 User does not exist”।

सरकारी वेबसाइट पर ईमेल, लेकिन ईमेल स्वीकार ही नहीं?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि किसी सरकारी विभाग की वेबसाइट पर नागरिकों के संपर्क के लिए ईमेल आईडी उपलब्ध कराई गई है, तो वह ईमेल आईडी सक्रिय क्यों नहीं है? यदि यह तकनीकी समस्या है, तो इसे ठीक करने में देरी क्यों हो रही है? और यदि ईमेल आईडी बदल दी गई है, तो सरकारी वेबसाइट पर नई जानकारी अपडेट क्यों नहीं की गई?
नागरिक डिजिटल माध्यम से शिकायत भेजने के लिए सरकारी वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी पर भरोसा करते हैं। ऐसे में ईमेल वापस लौटना केवल तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि शिकायत निवारण व्यवस्था की विश्वसनीयता से जुड़ा प्रश्न बन जाता है।
डिजिटल इंडिया बनाम ‘ईमेल डिलीवरी फेल’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में डिजिटल प्रशासन, ऑनलाइन सेवाओं और ई-गव्हर्नन्स को बढ़ावा दिया जा रहा है। स्वयं महाराष्ट्र राज्य उत्पादन शुल्क विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन सेवा, RTS और अन्य डिजिटल सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध है।
ऐसे में नागरिकों का सवाल स्वाभाविक है—जब सरकार डिजिटल व्यवस्था को बढ़ावा दे रही है, तब किसी जिले के नागरिकों द्वारा विभाग के आधिकारिक ईमेल पर शिकायत भेजना भी संभव नहीं है तो डिजिटल शिकायत व्यवस्था की वास्तविक स्थिति क्या है?
घुग्घुस में कथित अवैध गतिविधियों को लेकर भी सवाल
शिकायतकर्ता का आरोप है कि घुग्घुस शहर और आसपास के क्षेत्रों में कुछ लाइसेंसधारी प्रतिष्ठानों में निर्धारित समय का कथित रूप से पालन नहीं किया जाता, कुछ बीयर शॉप में बार जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने, नॉन-परमिट शराब की बिक्री, हुक्का-शीशा तथा अन्य कथित अवैध गतिविधियों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित विभागों की जांच के बिना नहीं की जा सकती। हालांकि, शिकायतकर्ता का कहना है कि यदि ऐसी गतिविधियों के संबंध में नागरिक प्रशासन को डिजिटल माध्यम से शिकायत करना चाहते हैं और विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध ईमेल ही काम नहीं करता, तो शिकायत आखिर किस माध्यम से और किस अधिकारी तक पहुंचे?
महाराष्ट्र राज्य उत्पादन शुल्क विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर चंद्रपुर जिले के कार्यालय का संपर्क क्रमांक और ईमेल उपलब्ध कराया गया है। विभाग ने राज्य स्तर पर टोल-फ्री क्रमांक 18002339999 और व्हॉट्सऐप क्रमांक 8422001133 भी प्रकाशित किए हैं।
अधिकारियों की भूमिका पर सवाल, लेकिन जवाब कौन देगा?
शिकायतकर्ता ने स्थानीय पुलिस, अपराध शाखा, LCB, संबंधित विभागों और स्थानीय प्रशासन की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए हैं। हालांकि, किसी अधिकारी या संस्था पर अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने का आरोप बिना जांच और ठोस प्रमाण के तथ्य के रूप में नहीं कहा जा सकता।
फिर भी सवाल गंभीर है—यदि किसी क्षेत्र में अवैध गतिविधियों की शिकायतें लगातार सामने आती हैं, तो संबंधित विभागों द्वारा कितनी जांच की गई? कितने प्रतिष्ठानों की तपासणी हुई? कितनी कार्रवाई हुई? कितने लाइसेंसधारकों पर नियमों के उल्लंघन के मामले दर्ज हुए? और यदि शिकायतें नहीं मिलीं, तो नागरिकों को शिकायत करने के लिए प्रभावी व्यवस्था क्यों उपलब्ध नहीं हो रही?
क्या ईमेल व्यवस्था की तकनीकी जांच होगी?
अब प्रशासन के सामने केवल अवैध गतिविधियों से संबंधित शिकायतों का प्रश्न नहीं है, बल्कि सरकारी संपर्क व्यवस्था की विश्वसनीयता का भी सवाल है।
यदि sptchandrapur-excise@mah.gov.in ईमेल वास्तव में तकनीकी कारणों से निष्क्रिय है, तो संबंधित विभाग को तत्काल इसकी तकनीकी जांच कर इसे कार्यरत करना चाहिए तथा वेबसाइट पर उपलब्ध संपर्क जानकारी को भी सत्यापित करना चाहिए।
साथ ही, विभाग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि नागरिक वर्तमान में चंद्रपुर जिले में शिकायत, निवेदन या सूचना किस आधिकारिक डिजिटल माध्यम से भेजें, ताकि शिकायत दर्ज होने का प्रमाण भी नागरिक के पास उपलब्ध रहे।
अब प्रशासन से जवाब अपेक्षित
क्या चंद्रपुर आबकारी विभाग इस ईमेल डिलीवरी फेल्युअर की तकनीकी जांच करेगा?
क्या सरकारी वेबसाइट पर प्रदर्शित ईमेल आईडी को तत्काल सक्रिय किया जाएगा या नई आधिकारिक ईमेल आईडी सार्वजनिक की जाएगी?
क्या घुग्घुस और आसपास के क्षेत्रों में कथित अवैध गतिविधियों की स्वतंत्र जांच की जाएगी?
क्या संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस, संचालन समय और नियमों के पालन की जांच की जाएगी?
और सबसे महत्वपूर्ण—क्या नागरिकों को डिजिटल माध्यम से शिकायत करने का वास्तव में प्रभावी अधिकार और सुविधा मिलेगी?
इन सवालों के जवाब अब संबंधित प्रशासन और राज्य उत्पादन शुल्क विभाग को देना चाहिए। क्योंकि यदि सरकारी वेबसाइट पर शिकायत के लिए ईमेल उपलब्ध हो, लेकिन शिकायत भेजते ही “User does not exist” का जवाब लौट आए, तो सवाल केवल एक ईमेल का नहीं रहता—यह डिजिटल प्रशासन की जवाबदेही और नागरिकों की शिकायत सुनने की व्यवस्था पर सीधा सवाल बन जाता है।




