कोल्हापुर: मृदा संधारण और जलसंधारण खेती, पर्यावरण तथा सतत विकास की मजबूत नींव हैं। मिट्टी और पानी जैसे प्राकृतिक संसाधन एक-दूसरे पर निर्भर हैं। आने वाली पीढ़ियों के लिए इनका संरक्षण करना बेहद आवश्यक है। इसी उद्देश्य से जलसंधारण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने और युवा पीढ़ी को इसके महत्व से अवगत कराने के लिए राज्यभर में जलसंधारण अभियान चलाया जा रहा है।
21 अगस्त जलसंधारण दिवस के अवसर पर सतत विकास के लिए मृदा एवं जलसंधारण को लेकर राज्यव्यापी जनजागरण अभियान चलाया गया। जलसंधारण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से राज्य के 36 जिलों में ‘महावॉकेथॉन – वॉक फॉर वॉटर’ का आयोजन किया गया।
कोल्हापुर में वारणा भवन से महावॉकेथॉन रैली निकाली गई। इस दौरान ‘पानी अडवो, पानी जिरवो, जलयुक्त महाराष्ट्र घडवो’ और ‘पानी बचाएं, भविष्य बनाएं’ जैसे संदेशों के माध्यम से जल संरक्षण का महत्व बताया गया।

रैली में जिला प्रशासन के प्रमुख अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थियों और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने जल संरक्षण, मृदा संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन को लेकर जनजागरूकता फैलाने का संदेश दिया।
जलसंधारण दिवस के माध्यम से प्रशासन ने नागरिकों से पानी का विवेकपूर्ण उपयोग करने, जल स्रोतों का संरक्षण करने और जल बचाने के प्रयासों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।




