घुग्घूस, चंद्रपुर : घुग्घूस शहर और आसपास के गांवों में कथित रूप से बिना वैध परवाना एवं अनुमति के संचालित गुटखा, सुगंधित तंबाकू, शराब बिक्री, हुक्का-शीशा, बीयर शॉप में बार जैसी सुविधाओं, निर्धारित समय के उल्लंघन तथा सट्टा-जुआ जैसी गतिविधियों के खिलाफ ब्रीथ ऑफ लाइफ मल्टीपरपज सोसाइटी के संस्थापक एवं अध्यक्ष प्रणयकुमार बंडी ने जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

इस संबंध में 20 अगस्त 2026 को जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक, चंद्रपुर को संबोधित विस्तृत निवेदन प्रस्तुत किया गया। निवेदन में संबंधित विभागों से संयुक्त जांच अभियान चलाने, लाइसेंस एवं परमिट की जांच करने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की गई है।
निवेदन में आरोपों को तथ्य के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय नागरिकों द्वारा व्यक्त की जा रही शिकायतों और आशंकाओं का उल्लेख करते हुए गुटखा एवं प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की बिक्री, बिना आवश्यक अनुमति शराब बिक्री, हुक्का-शीशा गतिविधियां, शराब एवं बीयर प्रतिष्ठानों के निर्धारित समय से पहले या बाद में संचालन तथा कथित चलते-फिरते सट्टे जैसी गतिविधियों की जांच की मांग की गई है।
प्रणयकुमार बंडी ने प्रशासन से संवेदनशील क्षेत्रों, बाजार परिसर, मुख्य चौक, शिक्षण संस्थानों के आसपास तथा सार्वजनिक स्थानों पर निगरानी और पुलिस गश्त बढ़ाने की भी मांग की है। साथ ही संबंधित विभागों के अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाकर अचानक निरीक्षण करने का सुझाव दिया गया है।
निवेदन में एक महत्वपूर्ण मांग यह भी की गई है कि प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई की दिनांकवार एवं विभागवार जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इसमें कितने प्रतिष्ठानों की जांच हुई, कितने मामले दर्ज किए गए, कितना माल जब्त किया गया तथा कितने लाइसेंस या परमिट के विरुद्ध कार्रवाई की गई, जैसी जानकारी देने का अनुरोध किया गया है।
अब निगाह प्रशासन की कार्रवाई पर
इस निवेदन को डिजिटल माध्यम से ई-मेल के जरिए भी संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया गया है। ऐसे में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस के दौर में नागरिक द्वारा ऑनलाइन भेजे गए इस जनहित निवेदन पर प्रशासन कितनी तेजी और पारदर्शिता के साथ कार्रवाई करता है।
सबसे बड़ा सवाल यही है कि शिकायत में उठाए गए मुद्दों की निष्पक्ष जांच होगी या मामला केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रह जाएगा? यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता अथवा अवैध गतिविधि सामने आती है, तो क्या संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई होगी? वहीं, यदि लगाए गए आरोप जांच में सही नहीं पाए जाते हैं, तो क्या प्रशासन तथ्यात्मक स्थिति सार्वजनिक करेगा?
निवेदनकर्ता ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी वैध व्यवसायी को परेशान करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि शहर में संचालित सभी व्यवसाय आवश्यक लाइसेंस, अनुमति, नियमों और निर्धारित समय-सीमा का पालन करें।
अब इस जनहित निवेदन के बाद प्रशासन और संबंधित विभागों की अगली कार्रवाई पर घुग्घूसवासियों की नजरें टिकी हैं। डिजिटल माध्यम से पहुंचाए गए इस निवेदन पर कार्रवाई कितनी प्रभावी और पारदर्शी होती है, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।




