बस स्टैंड और स्कूलों के आसपास बढ़ती भीड़ से यातायात व्यवस्था चरमराई, कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
प्रणयकुमार बंडी
घुग्घुस, चंद्रपुर : महाराष्ट्र में सुगंधित तंबाकू और उससे निर्मित उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लागू होने के बावजूद औद्योगिक नगरी घुग्घुस में खर्रा का कारोबार खुलेआम जारी रहने की तस्वीर सामने आ रही है। शहर के मुख्य बस स्टैंड, मार्केट लाइन, स्लम एरिया, आरआर चौक तथा अन्य प्रमुख क्षेत्रों में स्थित कई दुकानों पर दिनभर खर्रा खरीदने वालों की भीड़ लगी रहती है। इससे न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि सार्वजनिक स्वास्थ्य और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी प्रश्नचिह्न खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर में कुछ स्थान ऐसे हैं जहां खर्रा बिक्री एक नियमित और चर्चित गतिविधि बन चुकी है। आरोप है कि इन स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग रुककर खर्रा खरीदते हैं, जिससे सड़क किनारे दोपहिया और चारपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। विशेष रूप से घुग्घुस-चंद्रपुर, घुग्घुस-वणी और घुग्घुस-तड़ाली मार्ग पर यातायात बाधित होने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
स्कूलों के आसपास बिक्री पर चिंता
नागरिकों ने यह भी चिंता व्यक्त की है कि कुछ स्थान स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के निकट स्थित हैं। ऐसे में विद्यार्थियों पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों को लेकर अभिभावकों में चिंता बढ़ रही है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की उपलब्धता युवाओं और किशोरों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
यातायात और सुरक्षा दोनों प्रभावित
मुख्य बस स्टैंड के सामने तथा आसपास के क्षेत्रों में ग्राहकों की भीड़ के कारण यात्रियों, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और स्कूली विद्यार्थियों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार भीड़ और वाहन अव्यवस्था के कारण विवाद जैसी स्थितियां भी उत्पन्न हो चुकी हैं। नागरिकों का सवाल है कि बस स्टैंड परिसर यात्रियों की सुविधा के लिए है या फिर अव्यवस्थित व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
शहर में यह चर्चा भी है कि अवैध कारोबार से होने वाले आर्थिक लाभ के कारण संबंधित व्यापारियों के हौसले बुलंद हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। नागरिकों का कहना है कि यदि कहीं भी प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री हो रही है तो संबंधित विभागों को निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि खाद्य एवं औषधि प्रशासन, नगर परिषद, यातायात विभाग और पुलिस प्रशासन संयुक्त रूप से क्षेत्र का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करें। साथ ही अतिक्रमण, अनधिकृत वाहन पार्किंग, यातायात बाधा और प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की बिक्री संबंधी मामलों में नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए।
नए पुलिस अधीक्षक से उम्मीदें
नागरिकों ने हाल ही में पदभार संभालने वाले Ayush Nopani से भी इस विषय पर विशेष ध्यान देने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्रवाई करें तो यातायात अव्यवस्था, अतिक्रमण और प्रतिबंधित उत्पादों की बिक्री जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।
घुग्घुस के नागरिक अब यह जानना चाहते हैं कि प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों की बिक्री रोकने और सार्वजनिक स्थानों पर कानून का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है। शहरवासियों की नजरें अब संबंधित विभागों की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।




