प्रणयकुमार बंडी
चंद्रपुर/घुग्घुस: गुरुवार, 16 अप्रैल 2026 को राज्य की पर्यावरण व जलवायु परिवर्तन तथा पशुसंवर्धन मंत्री पंकजा मुंडे का घुग्घुस क्षेत्र में हुआ दौरा अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। उसगांव और म्हातारदेव स्थित मिनरल्स एंड एनर्जी और वाशरी प्लांट का निरीक्षण करते हुए मंत्री ने प्रदूषण नियंत्रण उपायों की समीक्षा की और अधिकारियों को सख्त निर्देश भी दिए।
बताया जा रहा है कि यह दौरा पूर्व मंत्री सुधीर मुनगंटीवार की संकल्पना और उनके लगातार प्रयासों का परिणाम था। शहर में बढ़ते धूल और प्रदूषण के स्तर को लेकर यह पहल की गई थी, जो सीधे तौर पर नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
लेकिन इस दौरे के बाद अब सवालों का धुआं भी हवा में घुलने लगा है।
घुग्घुस पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में कोल डिपो, कोल वाशरी, पावर प्लांट, सीमेंट, आयरन, जीनिंग फैक्ट्री और बड़े पैमाने पर गोदाम संचालित हैं। इतना ही नहीं, यहां नए स्टील प्लांट का निर्माण भी तेजी से जारी है। ऐसे में सवाल उठता है कि मंत्री का दौरा सिर्फ एक या दो कंपनियों तक ही सीमित क्यों रहा? क्या बाकी उद्योग प्रदूषण नहीं फैला रहे? या फिर यह चयन किसी विशेष औद्योगिक हित को ध्यान में रखकर किया गया?
स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी तेज हो गई है कि कहीं यह जमीन या उद्योग किसी बड़े उद्योगपति को सौंपने की तैयारी तो नहीं? या फिर कुछ कंपनियों पर राजनीतिक संरक्षण का साया है, जिसके कारण उन पर कार्रवाई से परहेज किया जा रहा है?
सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि बल्लारशाह विधानसभा क्षेत्र के विधायक की चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में इतनी सक्रियता क्यों दिखाई दे रही है? क्या जिले में राजनीतिक गुटबाजी खुलकर सामने आ रही है? या फिर आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों की रणनीति अभी से जमीन पर उतारी जा रही है?
मंत्री का यह दौरा जहां एक ओर प्रदूषण नियंत्रण के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे राजनीतिक ‘स्टंट’ करार देने वालों की भी कमी नहीं है।
अब देखना यह होगा कि यह दौरा केवल औपचारिकता बनकर रह जाता है या वास्तव में क्षेत्र की हवा साफ करने के साथ-साथ राजनीति की धुंध भी हटाता है।




