(प्रणयकुमार बंडी)
घुग्घुस, चंद्रपुर : शहर के विकास नगर क्षेत्र में अवैध रूप से गांजा बिक्री का मामला सामने आने के बाद कानून-व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए हैं। दिनांक 26.02.2026 को की टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर पुलिस स्टेशन घुग्घुस की हद में छापा मारकर 1.700 किलोग्राम गांजा (कुल कीमत 17,000 रुपये) बरामद किया। साथ ही 500 रुपये मूल्य का इलेक्ट्रॉनिक डिजिटल वजन काटा भी जब्त किया गया। कुल जब्त माल की कीमत 17,500 रुपये बताई गई है।
इस मामले में एक 34 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक युवक फरार बताया जा रहा है। आरोपियों के खिलाफ में अपराध क्रमांक 120/26 के तहत धारा 8(C), 20(B), 29 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है।
लेकिन इस पूरी कार्रवाई ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है—आखिर घुग्घुस पुलिस की नाक के नीचे विकास नगर में इतने समय से गांजा बिक्री का कारोबार कैसे चल रहा था? और अगर गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करनी ही थी, तो यह सूचना स्थानीय पुलिस को पहले क्यों नहीं मिली? क्या घुग्घुस पुलिस को इस अवैध धंधे की भनक नहीं थी, या फिर जानबूझकर अनदेखी की जा रही थी?
शहरवासियों में चर्चा है कि यदि बाहरी शाखा को कार्रवाई करनी पड़ी, तो स्थानीय पुलिस की भूमिका और सतर्कता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। क्या घुग्घुस पुलिस केवल औपचारिकता निभा रही थी? क्या क्षेत्र में मादक पदार्थों का नेटवर्क पहले से सक्रिय था? इन सवालों का जवाब अब जिम्मेदार अधिकारियों को देना होगा।
गौरतलब है कि एनडीपीएस एक्ट के तहत मादक पदार्थों की बिक्री गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है। ऐसे में यदि समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो सकता था।
शहर के जागरूक नागरिकों ने मांग की है कि पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष और गहन जांच हो, फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाए और यह भी स्पष्ट किया जाए कि स्थानीय स्तर पर निगरानी व्यवस्था में आखिर चूक कहाँ हुई।
अब देखना यह है कि प्रशासन इन सवालों का जवाब देता है या फिर मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।




