(प्रणयकुमार बंडी)
घुग्घुस, चंद्रपुर | घुग्घुस नगर परिषद कार्यालय द्वारा दिनांक 26 जनवरी 2026 को जारी सूचना के अनुसार नगर परिषद घुग्घुस की सर्वसाधारण सभा दिनांक 05 फरवरी 2026 को आयोजित की जा रही है। इस सभा के लिए सभी सभापतियों एवं नगरसेवकों को अपने-अपने प्रभागों से संबंधित विषय दिनांक 30 जनवरी 2026 तक अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसी कड़ी में भारतीय जनता पार्टी की नगरसेविका एवं गटनेत्या मीना चांद मोरपाका ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए और जनता से जुड़े कई ज्वलंत मुद्दों को सभा के एजेंडे में शामिल करने की मांग की है।
सबसे प्रमुख विषय के रूप में उन्होंने एसीसी तथा लॉयड्स मेटल एंड एनर्जी लिमिटेड जैसी बड़ी औद्योगिक कंपनियों पर नगर परिषद के नियमों के अनुसार इंडस्ट्रियल टैक्स, नजूल इमला टैक्स एवं नॉन-डायवर्टेड टैक्स लगाए जाने की मांग उठाई है। उनका सवाल है कि जब आम नागरिकों से कर वसूली में कोई ढील नहीं दी जाती, तो फिर करोड़ों का कारोबार करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई क्यों नहीं?
इसके साथ ही उन्होंने घुग्घुस नगर परिषद क्षेत्र में पिछले 6–7 वर्षों से बंद पड़े फेरफार (री-असेसमेंट) को तत्काल शुरू कर नई कर आकारणी लागू करने की मांग की है। लंबे समय से टैक्स प्रक्रिया ठप रहने से नगर परिषद को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है, जिसकी जिम्मेदारी किसकी है — यह सवाल भी उन्होंने उठाया।
नगर परिषद के अंतर्गत कार्यरत स्थायी एवं अस्थायी कर्मचारियों को नियमित वेतन न मिलने को लेकर भी मीना मोरपाका ने तीखा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के शोषण पर नगर प्रशासन की चुप्पी गंभीर चिंता का विषय है।
प्रभाग क्रमांक 9 की जर्जर और अत्यंत धोकादायक स्थिति में खड़ी पुरानी पानी टंकी का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने तत्काल सर्वेक्षण कर 10 लाख लीटर क्षमता की नई पानी टंकी निर्माण की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।
शहर के विभिन्न भागों में सड़क, नाली निर्माण तथा सौंदर्यीकरण कार्यों को लेकर भी उन्होंने नगर परिषद की सुस्ती पर सवाल उठाए हैं। इसके साथ ही बंद पड़े स्ट्रीट लाइट चालू करने और नए पोल पर लाइट लगाने, RO मशीन, हैंडपंप तथा सोलर/इलेक्ट्रिक पंप लगाने जैसे बुनियादी नागरिक सुविधाओं को भी एजेंडे में शामिल किया गया है।
एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक मांग के तहत उन्होंने प्रत्येक नगरसेवक को अपने प्रभाग के नागरिकों को रहिवासी दाखला जारी करने का अधिकार देने की बात रखी, जिससे आम जनता को नगर परिषद कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।
इसके अलावा वर्षों से अधर में लटके घुग्घुस–वणी–तडाली रेलवे उड्डाणपूल तथा वेकोली के लोहे की पुलिया के कार्य को लेकर भी संबंधित विभागों को तत्काल पत्राचार करने की मांग की गई है।
इन सभी मुद्दों से यह स्पष्ट होता है कि घुग्घुस नगर परिषद में विकास, कर वसूली, बुनियादी सुविधाएं और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अब देखना यह होगा कि आगामी सर्वसाधारण सभा में इन जनहित के मुद्दों पर केवल चर्चा होती है या ठोस निर्णय भी लिए जाते हैं।




