नकोड़ा (घुग्घुस) में उमड़ेगी आस्था की महाधारा
(प्रणयकुमार बंडी)
घुग्घुस : चंद्रपुर जिले के घुग्घुस नायब तहसील अंतर्गत नकोड़ा (सिमेंटनगर) में स्थित वर्धा नदी एवं नीलगुडा नदी के संगम तट पर देवी श्री सम्मक्का–सारलम्मा जत्रा का भव्य एवं श्रद्धापूर्ण आयोजन होने जा रहा है। यह पावन जत्रा वर्षों से क्षेत्र के श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र रही है, जहां दूर-दराज़ से हजारों भक्त माता के दर्शन हेतु पहुंचते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवी सम्मक्का–सारलम्मा आदिशक्ति दुर्गा का स्वरूप हैं। युग-युग में माता अपने भक्तों की रक्षा एवं कल्याण के लिए अवतार लेती हैं। कहा जाता है कि सच्चे मन से माता की आराधना करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का वरदान प्राप्त होता है। हर जाति, धर्म और वर्ग के लोग इस जत्रा में समान भाव से सहभागी बनते हैं, जो सामाजिक एकता का भी अनुपम उदाहरण है।
कार्यक्रम विवरण के अनुसार
बुधवार, 28 जनवरी 2026 को सुबह 10 बजे बंबुवन आगमन तथा शाम 4 बजे देवी सारलम्मा का आगमन होगा।
गुरुवार, 29 जनवरी 2026 को शाम 4 बजे देवी सम्मक्का का आगमन संपन्न होगा।
शुक्रवार, 30 जनवरी 2026 को पूजा एवं देवी दर्शन का आयोजन रहेगा।
शनिवार, 31 जनवरी 2026 को पुनः वन प्रवेश के साथ जत्रा का समापन होगा।
आयोजकों द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु पानी, बिजली एवं चारों ओर से सड़क जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं की गई हैं। जत्रा समिति ने समस्त भक्तों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर माता के दर्शन कर अपने जीवन को धन्य बनाएं।
देवी श्री सम्मक्का–सारलम्मा जत्रा समिति, नकोड़ा (ता. घुग्घुस, जि. चंद्रपुर) द्वारा आयोजित यह धार्मिक पर्व न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि परंपरा, संस्कृति और विश्वास की जीवंत मिसाल भी है। माता के जयकारों के साथ पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबने को तैयार है।




