क्या नगर परिषद की कार्रवाई निष्पक्ष है या फिर किसी राजनीतिक दबाव में की गई?
घुग्घुस (चंद्रपुर): घुग्घुस नगर परिषद के कुछ कर्मचारियों द्वारा आधी रात के बाद एक अनोखी कार्रवाई को अंजाम दिया गया, जिसने पूरे शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है। यह कार्रवाई 24 मई की रात और 25 मई की तड़के करीब 12 बजे के आसपास हुई। सूत्रों के अनुसार, यह पहली बार है जब नगर परिषद द्वारा इतनी रात को किसी बैनर को जब्त किया गया है।
बताया जा रहा है कि जिस बैनर पर कार्रवाई की गई, वह शहर के एक चर्चित युवा बीजेपी नेता से संबंधित था। यह नेता आरोग्य सेवक, गुरु, युवनेता जैसे तमाम उपाधियों से शहर में जाने जाते हैं। हालांकि इस बात की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन शहरभर में यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक युवा नेता के जन्मदिन के बैनर लगाने के लिए कई दिनों से जगह नहीं मिल रही थी, क्योंकि एक बार जो बैनर लग जाता है वह हफ्तों तक नहीं हटता। यह स्थिति घुग्घुस में आम हो गई है।
लोगों में नाराजगी इस बात को लेकर भी है कि नगर परिषद के अधिकारी आमतौर पर अपने कर्तव्यों से भागते दिखाई देते हैं। शहर में टैक्स वसूली का काम भी ठप पड़ा है और अधिकारी चुनाव का हवाला देकर जिम्मेदारियों से बचते नजर आते हैं।
लेकिन आम नागरिकों से टैक्स वसूलने में कोई कोताही नहीं बरती जाती, जिससे लोगों में आक्रोश है। वहीं, इस आधी रात की कार्रवाई ने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या नगर परिषद की कार्रवाई निष्पक्ष है या फिर किसी राजनीतिक दबाव में की गई?
अब देखना यह है कि इस मुद्दे पर नगर परिषद या संबंधित नेता की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया आती है या नहीं। फिलहाल शहरवासी इस घटना को लेकर हैरान भी हैं और सतर्क भी।




