प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नागपुर में कहा कि संगठन, समर्पण और सेवा की त्रिवेणी भारत को आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए समाज के सभी वर्गों से इस मंत्र को अपनाने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार गरीबों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी दिशा में माधव नेत्रालय भी पिछले तीन दशकों से समाज की सेवा कर रहा है और लाखों लोगों के जीवन में प्रकाश ला रहा है।
माधव नेत्रालय के प्रीमियम सेंटर का डिजिटल भूमि पूजन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल माध्यम से हिंगणा रोड स्थित माधव नेत्रालय के प्रीमियम सेंटर का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत, स्वामी अवधेशानंद गिरी, स्वामी गोविंद देव गिरी और माधव नेत्रालय चैरिटेबल ट्रस्ट के सरचिटणीस डॉ. अविनाशचंद्र अग्निहोत्री उपस्थित थे।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार के सुधारात्मक कदम
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के बाद उन्होंने लाल किले से देश को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार लाने का संकल्प लिया था। पिछले दशक में ग्रामीण क्षेत्रों में लाखों आयुष्मान भारत केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिससे करोड़ों लोगों को स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई गईं। टेलीमेडिसिन के माध्यम से भी स्वास्थ्य सुविधाएँ मजबूत की गई हैं।
उन्होंने बताया कि एम्स जैसी प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थाओं की संख्या तीन गुना बढ़ाई गई है। स्वतंत्रता के बाद पहली बार देश में मातृभाषा में मेडिकल शिक्षा उपलब्ध कराई गई। मेडिकल कोर्स में सीटों की संख्या बढ़ाई गई और योग व आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाई गई। सरकार की नीति है कि कोई भी नागरिक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे, और इसी दृष्टिकोण से कार्य किया जा रहा है।
माधव नेत्रालय का योगदान और भविष्य की योजनाएँ
प्रधानमंत्री मोदी ने माधव नेत्रालय की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान द्वितीय सरसंघचालक माधवराव गोलवलकर गुरुजी के आदर्शों पर चलते हुए समाज सेवा कर रहा है। यह नेत्रालय अंधकार को दूर कर लोगों के जीवन में प्रकाश फैला रहा है। नया प्रीमियम सेंटर इस संस्थान के कार्यों को और गति देगा और भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
उन्होंने विदर्भ के महान संत प्रज्ञाचक्षु गुलाबराव महाराज का उल्लेख करते हुए कहा कि जन्म से नेत्रहीन होने के बावजूद उन्होंने अद्भुत ज्ञान प्राप्त किया और यह सिखाया कि दृष्टि केवल आँखों से नहीं, बल्कि बौद्धिक विवेक से भी आती है। उन्होंने संत ज्ञानेश्वर, संत तुकाराम, संत नामदेव और संत एकनाथ जैसे संतों के आदर्शों का भी उल्लेख किया और कहा कि माधव नेत्रालय इन्हीं मूल्यों को अपनाकर समाज की सेवा कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने इस सेवा कार्य के निरंतर जारी रहने की कामना करते हुए समाज के सभी वर्गों से इसमें योगदान देने की अपील की।




