प्रणयकुमार बंडी
चंद्रपुर (घुग्घुस) : घुग्घुस नगर परिषद कार्यालय में 20 मार्च को आयोजित विशेष अर्थसंकल्पीय स्थायी समिति की बैठक भले ही औपचारिक रूप से संपन्न हो गई हो, लेकिन इस बैठक में आखिर क्या ठोस निर्णय लिए गए—इस पर अब तक पर्दा बना हुआ है। इससे प्रशासन की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
शुक्रवार दोपहर 4 बजे स्थायी समिति सभागार में आयोजित इस बैठक में प्रशासन द्वारा तैयार वित्तीय वर्ष 2025-26 का संशोधित बजट और 2026-27 का मूल बजट महाराष्ट्र नगर परिषद अधिनियम के तहत समिति के सामने मंजूरी के लिए रखा गया। नियमों के अनुसार बजट पर चर्चा भी की गई, लेकिन चर्चा का परिणाम क्या निकला—इसकी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
खास बात यह है कि स्थायी समिति के सभापति के चयन के बाद यह पहली विशेष बजट बैठक थी, जिससे लोगों को बड़ी उम्मीदें थीं। बैठक में समिति के सदस्य मौजूद रहे, मगर जनता के हित से जुड़े अहम फैसलों को सार्वजनिक करने में हो रही देरी ने लोगों की बेचैनी बढ़ा दी है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब बजट जनता के पैसों से जुड़ा है, तो उसके निर्णय भी जनता के सामने तुरंत आने चाहिए। आखिर प्रशासन किस बात का इंतजार कर रहा है? क्या कुछ छिपाया जा रहा है, या फिर यह सिर्फ लापरवाही का मामला है?
अब सवाल यह उठता है कि घुग्घुस नगर परिषद आखिर कब तक इन फैसलों को सार्वजनिक करेगी, और जनता को उनके हक की जानकारी कब मिलेगी?




