—सोमवार तय करेगा ‘भंडाकोरी’ या ‘पक्षहित’!
घुग्घुस, चंद्रपुर — घुग्घुस कांग्रेस कमिटी इन दिनों जिस भारी राजनीतिक असमंजस से गुजर रही है, उसने पूरे शहर में अजीब सा रोमांच और बेचैनी पैदा कर दी है।
विशेष चर्चाओं में यह बात तेज़ी से फैल रही है कि अगर कांग्रेस बौद्ध महिला को टिकट देने से पीछे हटती है, तो वोटिंग प्रतिशत भी धड़ाम से गिर सकता है—और इसका सीधा खामियाजा जिला कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा।
15 नवंबर 2025 को सोशल मीडिया पर वायरल हुई पोस्टों ने तो जैसे राजनीति में बारूद का ढेर ही लगा दिया।
हर तरफ एक ही सवाल—
“आखिर कांग्रेस टिकट किसके दबाव में रोक रही है?”
SC महिला आरक्षण पर उलझन—कौन रोके बैठा है फैसला?
SC महिला आरक्षित सीट है, लेकिन टिकट को लेकर उठापटक ऐसी है कि जैसे पार्टी को खुद ही पता नहीं कि निर्णय किसके हाथ में है।
• स्थानीय कार्यकर्ता अपने उम्मीदवार के लिए ज़मीन पर मेहनत कर रहे हैं।
• अध्यक्ष और वरिष्ठ पदाधिकारी SC महिला को आगे लाने की मांग कर रहे हैं।
• वहीं चर्चा ये भी है कि कुछ नेताओं को “स्थानिक महिला नेतृत्व” रास ही नहीं आ रहा।
सवाल दमदार है—
क्या घुग्घुस की जनता SC महिला या बौद्ध महिला को प्रतिनिधित्व देना चाहती है, और पार्टी इस आवाज़ को अनसुना कर रही है?
बड़े नेताओं का हस्तक्षेप या सर्वेक्षण की भारी कमी?
नुक्कड़-चौराहों पर तो यह बात आम चर्चा का हिस्सा है कि
“फैसला घुग्घुस में नहीं, शहर से बाहर बैठकर हो रहा है।”
लोग पूछ रहे हैं—
जिस शहर में 24 घंटे कार्यकर्ता पसीना बहा रहे हैं, क्या उनका सर्वे, उनका आकलन, उनकी सिफारिश किसी कागज़ पर भी दर्ज की गई है?
कुछ कार्यकर्ताओं का साफ आरोप—
“पार्टी ने सर्वे किया ही नहीं, सिर्फ नाम उछाले जा रहे हैं।”
सोमवार का इंतज़ार—घुग्घुस में क्या फूटेगा?
चर्चाओं का तापमान इतना बढ़ गया है कि कई लोग खुलकर कह रहे हैं—
आज या सोमवार को बड़ा खुलासा होगा।
और वह खुलासा दो में से एक ही होगा—
1️⃣ या तो भंडाकोरी (धोखा, अंदरूनी खेल, टिकट घोटाला),
2️⃣ या फिर पक्ष हित में सही निर्णय।
यह दो राहें अब कांग्रेस की राजनीति का टर्निंग पॉइंट बन चुकी हैं।
जनता बेचैन—कांग्रेस मौन क्यों?
घुग्घुस की जनता यह सब सिर्फ तमाशे की तरह नहीं देख रही।
लोग समझ चुके हैं कि
• यदि SC महिला वर्ग की उपेक्षा हुई,
• यदि बौद्ध महिला को टिकट से वंचित किया गया,
• यदि स्थानीय कार्यकर्ताओं को किनारे किया गया,
तो जनता भी वोटिंग बूथ पर अपनी नाराज़गी दिखा सकती है।
कांग्रेस का मौन, भ्रम और देरी अब जनता को चुभने लगी है।
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