आज 22 सितम्बर को विश्वभर में विश्व गैंडा दिवस मनाया जा रहा है। जीव-जंतुओं के संरक्षण के अंतर्गत गैंडा प्रजाति को सुरक्षित रखने और उनके प्राकृतिक प्रवास (migration) के महत्व को समझाने के उद्देश्य से इस खास दिवस की शुरुआत वर्ष 2011 में की गई थी।
गैंडा, धरती पर पाई जाने वाली सबसे प्राचीन और दुर्लभ प्रजातियों में से एक है। शिकार और अवैध व्यापार के कारण इनकी संख्या लगातार घटती गई, जिससे इनके अस्तित्व पर संकट गहराने लगा। इन्हें बचाने के लिए विश्वभर में विभिन्न कार्यक्रम और अभियान चलाए जा रहे हैं।
भारत में काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान (असम) गैंडों का प्रमुख आश्रय स्थल है, जहां बड़ी संख्या में एक सींग वाले गैंडे पाए जाते हैं। सरकार और वन्यजीव संरक्षण संगठनों के प्रयासों से इनकी संख्या में सुधार देखने को मिला है, लेकिन अभी भी निरंतर संरक्षण आवश्यक है।
इस दिवस का मुख्य संदेश है – “गैंडों की रक्षा, जैव विविधता की सुरक्षा”। यह केवल गैंडा ही नहीं, बल्कि सम्पूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा का प्रतीक है।





