आज ही के दिन, 8 सितम्बर 1951 को कैलिफ़ोर्निया के सैन फ्रांसिस्को शहर में एक ऐतिहासिक शांति सम्मेलन आयोजित हुआ। इस सम्मेलन को “सैन फ्रांसिस्को पीस कॉन्फ़्रेंस” के नाम से जाना जाता है।
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद जापान और मित्र राष्ट्रों (Allied Powers) के बीच शांति स्थापित करने और युद्ध की समाप्ति को औपचारिक रूप देने के लिए यह सम्मेलन बुलाया गया था। इस अवसर पर जापान और 48 देशों ने शांति संधि पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते को “सैन फ्रांसिस्को संधि” या “जापान शांति संधि” भी कहा जाता है।
इस संधि के तहत जापान ने युद्ध के दौरान किए गए आक्रमणों और कब्ज़ों से पीछे हटने, उपनिवेशित क्षेत्रों से हाथ खींचने और युद्ध से प्रभावित देशों को क्षतिपूर्ति देने का वादा किया। साथ ही जापान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय में एक बार फिर से शामिल होने का अवसर मिला।
यह सम्मेलन न केवल जापान के इतिहास में बल्कि विश्व इतिहास में भी एक महत्वपूर्ण मोड़ था, क्योंकि इसी के बाद एशिया और प्रशांत क्षेत्र में स्थायी शांति की नींव रखी गई।
इस तरह 8 सितम्बर 1951 का दिन इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया।





