घुग्घुस (चंद्रपुर) : जिले के घुग्घुस क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दिल दहला देने वाली दुर्घटना घटी। चड्डा ट्रांसपोर्ट का 18-छक्के ट्रक बेलोरा पुलिया से अनियंत्रित होकर वर्धा नदी के तट पर जा गिरा। इस हादसे में ट्रक चालक केबिन में बुरी तरह फंस गया और गंभीर रूप से घायल हो गया है। फिलहाल बचाव कार्य जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह ट्रक वेकोलि (WCL) की नायगांव कोयला खदान की ओर कोयला भरने जा रहा था। शुक्रवार सुबह लगभग 10:30 बजे ट्रक जैसे ही वर्धा नदी के बेलोरा पुलिया से गुजर रहा था, चालक का नियंत्रण वाहन से अचानक छूट गया। तेज रफ्तार ट्रक पुल की रेलिंग तोड़ते हुए सीधा नीचे नदी के तट पर जा गिरा।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जमा हो गए और तुरंत प्रशासन को सूचना दी। मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम ने गैस कटर की सहायता से ट्रक का केबिन काटकर चालक को निकालने की कोशिश की। घायल चालक की पहचान शहर के बंगाली कैंप निवासी राजा के रूप में हुई है, जिसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
इस दर्दनाक हादसे के दृश्य और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। नदी में गिरे ट्रक की हालत देखकर लोग स्तब्ध हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा इतनी तेजी से हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।
पुलिस मौके पर पहुंचकर ट्रैफिक को नियंत्रित कर रही है, जबकि पुलिया पर कुछ समय तक यातायात ठप रहा।
पुल पर भारी वाहनों के आवागमन पर उठे सवाल
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब हाल ही में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के घुग्घुस शहराध्यक्ष दिलीप पिट्टलवार ने पालक मंत्री और स्थानीय विधायक को ज्ञापन सौंपकर बेलोरा पुलिया पर भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की थी।
ज्ञापन में कहा गया था कि भारी ट्रकों द्वारा हाउसिंग टायर लिफ्ट कर पुल पार किया जा रहा है, जिससे पुल पर सीधा भार पड़ता है। चालक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं—ना तो वे ड्रेस कोड का पालन करते हैं, और ना ही उनके साथ कंडक्टर होते हैं। इसके अलावा कोयले की धूल वर्धा नदी में मिल रही है, जिससे जल प्रदूषण बढ़ रहा है।
उन्होंने मांग की थी कि पुल पर वेकोलि के भारी वाहनों के आवागमन पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इस शिष्टमंडल में शेरी कुमारवार समेत अन्य पदाधिकारी भी शामिल थे। वहीं शिवसेना शहर प्रमुख महेश डोंगे ने भी पहले पुल की कमजोर स्थिति को लेकर सवाल उठाए थे, लेकिन आज तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
अब क्षेत्र में चर्चा गर्म है कि क्या वेकोलि प्रशासन, ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक और जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई ठोस कार्रवाई होगी, या मामला केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगा।
स्थानीय नागरिकों में रोष व्याप्त है और वे प्रशासन की अगली कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
अधिक जानकारी की प्रतिक्षा की जा रही है…





