पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। बैठक में कृषि, सामान्य प्रशासन, पर्यटन, गन्ना उद्योग, वित्त, पथ निर्माण, आपदा प्रबंधन, राजस्व एवं भूमि सुधार, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग से जुड़े फैसले लिए गए। प्रमुख निर्णय इस प्रकार रहे–
कृषि विभाग
वित्तीय वर्ष 2025-26 में कृषि विपणन योजना अंतर्गत राज्य के 20 बाजार प्रांगणों में राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) योजना लागू होगी। इसके लिए 600 करोड़ रुपए के वन टाइम ग्रांट को मंजूरी।
सामान्य प्रशासन विभाग
वर्ष 2026 के लिए बिहार सरकार के कार्यालयों में अवकाश घोषित।
प्रतियोगी परीक्षाओं (बीपीएससी, बीएसएससी, पुलिस सेवा आयोग आदि) की आवेदन शुल्क में कमी को मंजूरी।
पर्यटन विभाग
राजगीर और वैशाली में 5 सितारा होटल व रिजॉर्ट निर्माण के लिए निजी भागीदारी (PPP मोड) पर परियोजना को सैद्धांतिक स्वीकृति।
गन्ना उद्योग विभाग
बिहार ई–गन्ना विकास सेवा नियमावली 2025 को स्वीकृति।
वित्त विभाग
NIC द्वारा विकसित ई–लाभ पोर्टल की सेवाओं के संचालन हेतु 3 वर्षों के लिए 5.30 करोड़ रुपए स्वीकृत।
राज्य सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों से जुड़े मामलों के निपटारे हेतु ब्याज दर के आधार पर भुगतान की मंजूरी।
गारंटी पर ऋण हेतु गारंटी रिडेम्पशन फंड (GRF) में निवेश की स्वीकृति।
पथ निर्माण विभाग
सासाराम-नरसिंहपुर-तैलमर-कोरई (NH-30) मार्ग पर 193 किमी सड़क चौड़ीकरण हेतु 539.19 करोड़ रुपए की स्वीकृति।
राजगीर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम से सड़क निर्माण सहित अन्य मार्गों पर 363.99 करोड़ रुपए की स्वीकृति।
आपदा प्रबंधन विभाग
विशेष कार्य पदाधिकारी संदीप कुमार के संविदा पुनर्नियोजन को मंजूरी।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग
नालंदा व मधेपुरा जिले में विशेष पुलिस व सड़क निर्माण हेतु जमीन हस्तांतरण को स्वीकृति।
शिक्षा विभाग
राजकीय शिक्षक पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों की पूर्व प्रदत्त राशि 15,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने का निर्णय।
मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग
स्वतंत्रता सेनानी व पूर्व मंत्री स्व. उपेंद्र नाथ वर्मा की जयंती 23 अगस्त को राजकीय समारोह के रूप में मनाने का निर्णय।
स्वास्थ्य विभाग
“बिहार महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता (ऑक्ज़िलियरी नर्स मिडवाइफरी) संवर्ग सेवा नियमावली–2025” को स्वीकृति।
बिहार सरकार के इन फैसलों से राज्य में कृषि विपणन, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सेवाओं में सुधार की उम्मीद है।





