WCL के भारी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाने की मांग
(प्रणयकुमार बंडी)
घुग्घुस, चंद्रपुर | वर्धा नदी पुलिया की जर्जर हालत को लेकर 25 जुलाई 2025 को शरदचंद्र पवार गट (राष्ट्रवादी कांग्रेस) की ओर से पालकमंत्री अशोक उईके को एक लिखित निवेदन सौंपा गया। यह पुलिया घुग्घुस-वणी मार्ग पर स्थित है और लगभग 35 वर्षों से भी अधिक पुरानी हो चुकी है। वर्तमान में इसकी संरचना बेहद कमजोर हो गई है, जिससे इस पर किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका जताई जा रही है।
निवेदन में बताया गया कि इस पुल की भार वहन क्षमता मात्र 15 से 20 टन की है, जबकि प्रतिदिन इस मार्ग से 50 से 60 टन वजनी WCL (वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के ट्रक व डंपर गुजरते हैं। यह न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आम नागरिकों के जीवन के लिए भी खतरा बन गया है।
दिलीप पिट्टलवार के नेतृत्व में सौंपे गए निवेदन में निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर चिंता व्यक्त की गई:
भारी वाहनों द्वारा हाउसिंग टायर लिफ्ट कर पुल पार करने से पुल पर सीधा भार पड़ रहा है। ड्राइवरों द्वारा नियमों की अनदेखी की जा रही है, जैसे कि ड्रेस कोड का पालन न करना और कंडक्टर की अनुपस्थिति। इन वाहनों से उड़ने वाली कोयले की धूल वर्धा नदी में मिल रही है, जिससे जल प्रदूषण बढ़ रहा है। त्रिपाल का सही उपयोग न होने से कोयला सड़कों पर बिखरता है, जिससे स्थानीय नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जनहित व पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, निवेदन में वर्धा नदी पुलिया पर WCL के भारी वाहनों के आवागमन पर तत्काल प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। साथ ही, संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने की भी अपील की गई है।
इस अवसर पर दिलीप पिट्टलवार के साथ शेरी कुमारवार सहित शरदचंद्र पवार गट (राष्ट्रवादी कांग्रेस) के शिष्टमंडल के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे।
प्रतिलिपि निवेदन की प्रमुख प्रतियां निम्नलिखित अधिकारियों को सौंपी गईं:
चंद्रपुर विधानसभा विधायक किशोर जोर्गेवार, जिलाधिकारी, चंद्रपुर., बांधकाम विभाग के अभियंता, चंद्रपुर., वणी क्षेत्र के महाप्रबंधक (WCL), थानेदार, घुग्घुस पुलिस स्टेशन.
स्थानीय नागरिकों में इस विषय को लेकर भारी चिंता है और अब सभी की नजरें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।





