नई दिल्ली – टीबी (तपेदिक) एक गंभीर वायुजनित संक्रामक बीमारी है, जो खांसी, छींक और थूक के ज़रिए एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकती है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, खासतौर पर फेफड़ों की टीबी से पीड़ित मरीजों को संक्रमण फैलने से रोकने के लिए विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति फेफड़ों की टीबी का इलाज करवा रहा है, तो उसे मास्क पहनना अनिवार्य रूप से अपनाना चाहिए। मास्क संक्रमण फैलने से रोकने का एक प्रभावी उपाय है और इससे परिवार व आस-पास के लोगों को संक्रमण से बचाया जा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि टीबी के लक्षण – जैसे लगातार दो सप्ताह से अधिक खांसी, बलगम में खून आना, बुखार, वजन घटना और रात में पसीना आना – दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय रहते इलाज शुरू करना न केवल मरीज के लिए आवश्यक है, बल्कि समाज को संक्रमण से बचाने में भी मदद करता है।
सरकार द्वारा चलाई जा रही “टीबी मुक्त भारत अभियान” के तहत जागरूकता और जांच शिविरों का आयोजन भी किया जा रहा है, ताकि समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित हो सके।
स्वस्थ रहें, सतर्क रहें और मास्क पहनकर संक्रमण रोकने में योगदान दें।




