बलौदा बाजार – छत्तीसगढ़ में रेत माफियाओं का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला बलौदा बाजार जिले से सामने आया है, जहां एक युवक को मुखबिरी के शक में सरेआम खंभे से बांधकर बेरहमी से बेल्ट से पीटा गया। घटना के वीडियो भी सामने आए हैं, जो साफ तौर पर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हैं।
बताया जा रहा है कि युवक पर रेत माफियाओं की गतिविधियों की जानकारी पुलिस को देने का शक था। इसी शक के आधार पर उसे बीच बाजार में खंभे से बांधकर उसकी जमकर पिटाई की गई। घटना के दौरान राहगीर तमाशबीन बने रहे और आरोपी बेखौफ होकर युवक पर जुल्म ढाते रहे।
यह घटना राज्य की भाजपा सरकार की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाती है। चुनावों से पहले सुरक्षा और अपराधमुक्त शासन का वादा करने वाली सरकार के राज में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वे खुलेआम ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।
क्या यही है वो ‘सुरक्षा’ जिसका वादा किया गया था? क्या यही है वो ‘कानून का राज’ जिसकी बात की जाती रही है?
प्रदेश में रेत माफिया खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं और प्रशासन मूकदर्शक बना बैठा है। आम लोगों की सुरक्षा अब कागज़ों तक सिमट कर रह गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रेत के अवैध कारोबार पर न तो कोई ठोस कार्रवाई हो रही है और न ही पुलिस माफियाओं के खिलाफ सख्ती दिखा रही है।
सरकार की चुप्पी और प्रशासनिक नाकामी ने यह साबित कर दिया है कि छत्तीसगढ़ में अब आम आदमी की सुरक्षा भगवान भरोसे है। क्या अब भी कोई कार्रवाई होगी, या ये आतंक यूं ही चलता रहेगा?




