चंद्रपुर : बोधिसत्त्व, परम पूज्य डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की पूर्णाकृति प्रतिमा की वर्षगांठ और भारतीय संविधान के अमृत महोत्सव के अवसर पर घुग्घुस में २६ और २७ जनवरी २०२५ को दो दिवसीय भव्य धम्म सम्मेलन का आयोजन किया गया है. यह आयोजन बौद्ध सर्कल समिति, घुग्घुस और नवबौद्ध स्मारक तथा बहुउद्देशीय समिति, घुग्घुस के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है.
पहला दिन: २६ जनवरी २०२५
धम्म सम्मेलन का उद्घाटन अरुणाचल प्रदेश के पूजनीय भंतेजी वण्णासामी महा येरो के करकमलों द्वारा सुबह ११:३० बजे किया जाएगा. इस अवसर पर नागपुर के पूजनीय भंते महातिस्स, पूजनीय भंते धम्म प्रकाश संबोधी थेरी (चंद्रपुर), पूजनीय श्रद्धारखीत प्रकाश महा थेरो (चंद्रपुर), और पूजनीय भंते रत्नमणी थेरो विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे. उद्घाटन के तुरंत बाद भंते संघ द्वारा धम्मदेशना का आयोजन होगा.
दोपहर के सत्र में “२०२५ के समय में भारतीय लोकतंत्र की दुर्दशा: इसके लिए व्यवस्था जिम्मेदार कैसे?” इस विषय पर परिसंवाद का आयोजन किया गया है. इस परिसंवाद के प्रमुख मार्गदर्शक औरंगाबाद के मा. अनंता केरबाजी भवरे होंगे, जबकि अध्यक्षता चंद्रपुर के प्रा.रवि कांबले करेंगे.
विशेष अतिथि:
इस अवसर पर प्रमुख अतिथि के रूप में सांसद, विधायक, मुख्याधिकारी (नगर परिषद घुग्घुस), और वेकोली के मुख्य महाप्रबंधक, इसके साथ ही, ओबीसी समाज की प्रतिनिधि, मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि, बौद्ध समाज की प्रतिनिधि, आदिवासी समाज के प्रतिनिधि, ईसाई समाज के प्रतिनिधि, और सिख समाज के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे.
शाम को नागपुर के प्रख्यात प्रबोधनकार स्वप्नील मेश्राम द्वारा संगीतमय प्रबोधन का आयोजन किया जाएगा.
दूसरा दिन: २७ जनवरी २०२५
सुबह ११:३० बजे “माता जिजाऊ, माता सावित्री, माता रमाई के ऋण स्त्रियां कैसे चुका सकती हैं?” इस विषय पर परिसंवाद का आयोजन होगा. इस परिसंवाद की अध्यक्षता एडवोकेट स्मिता कांबले (उच्च न्यायालय और इंडिया अगेंस्ट ईवीएम की राष्ट्रीय समन्वयक) करेंगी. प्रमुख वक्ता के रूप में चंद्रपुर की केंद्रीय शिक्षिका सुजाता लाटकर और प्रमुख मार्गदर्शक के रूप में दिल्ली के पूर्व मंत्री डॉ.राजेंद्र पाल गौतम उपस्थित रहेंगे.
इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता(चंद्रपुर), पुलिस निरीक्षक(घुग्घुस) भी उपस्थित रहेंगे.
शाम ६:०० बजे महाराष्ट्र के प्रख्यात प्रबोधनकार संविधान मनोहरे (अमरावती) द्वारा प्रबोधन का कार्यक्रम होगा.
बौद्ध सर्कल समिति और नवबौद्ध स्मारक समिति ने घुग्घुस और आसपास के नागरिकों से अपील की है कि वे इस कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर लाभ उठाएं.




