कोलकाता : हाजरा पार्क दुर्गोत्सव कमेटी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर साउथ कोलकाता के जतीन दास पार्क (हाजरा क्रॉसिंग) में शनिवार 15 अगस्त को पारंपरिक खुटी पूजा और थीम का लॉन्च कर अपने 84वें दुर्गापूजा उत्सव की तैयारियों की शुरुआत की। इस वर्ष दुर्गोत्सव के जरिए बंगाल की सदाबहार कलात्मक और सांस्कृतिक विरासत को दर्शकों के समक्ष पेश किया जाएगा।
खुटी पूजा समारोह में समाज की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल हुए, जिनमें विधायक सोभनदेब चट्टोपाध्याय और हाजरा पार्क दुर्गोत्सव समिति के संयुक्त सचिव सायन देब चटर्जी के साथ-साथ आयोजन समिति के सदस्य और अन्य प्रतिष्ठित लोग बड़ी संख्या में मौजूद थे।
इस वर्ष हाजरा पार्क दुर्गोत्सव कमेटी अपना 84वां संस्करण एक खास थीम “चिरायत” – द रूट्स ऑफ़ बंगाल: रूटेड इन द पास्ट, इनफिनिट इन कॉन्शियसनेस (बंगाल की जड़ें: अतीत से जुड़ी, चेतना में अनंत) मंडप के जरिए दर्शकों के सामने पेश कर रहा है। यह थीम बंगाल में लंबे समय से चली आ रही कलात्मक विरासत और उसकी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति एक दिल से दी गई श्रद्धांजलि है, जो पीढ़ियों से चली आ रही हैं।

“चिरायत” बंगाल के अतीत और उसकी बदलती सांस्कृतिक चेतना के बीच के शाश्वत संबंध को उजागर करता है। इस थीम के जरिए उन कलात्मक अभिव्यक्तियों, परंपराओं, शिल्प कौशल और सांस्कृतिक मूल्यों को दर्शकों के सामने पेश करने की कोशिश कर रहा है, जिन्होंने सदियों से बंगाल को एक सुंदर और खूबसूरत पहचान दिया है। यह थीम इस विश्वास को दर्शाती है कि भले ही समय बदलता है और सभ्यताएं विकसित होती हैं, लेकिन सच्ची कला की भाषा हमेशा शाश्वत रहती है।
इस मौके पर बोलते हुए, हाजरा पार्क दुर्गोत्सव समिति के संयुक्त सचिव सायन देब चटर्जी ने कहा, खुटी पूजा हमारी दुर्गापूजा की तैयारियों की शुभ शुरुआत का प्रतीक है। यह सुखद पल हाजरा पार्क दुर्गोत्सव कमेटी के सभी सदस्यों के लिए काफी महत्वपूर्ण क्षण है। अपने 84वें साल में कदम रखने के साथ हमें ‘चिरायत’ थीम को लॉन्च करते हुए बेहद खुशी हो रही है, जो आज की युवा पीढ़ियों को बंगाल की जड़ों की ओर ले जाएगी और इसकी सदाबहार कलात्मक और सांस्कृतिक विरासत की यादों को तरोताजा करेगी। इस साल दुर्गापूजा के माध्यम से हम अपनी परंपराओं के मूल भाव को संरक्षित करते हुए उन्हें सार्थक और समकालीन तरीके से दर्शकों के सामने लाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। खुटी पूजा इस यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है। जिसके बाद अब हम बंगाल की भावना, कला और संस्कृति का अनुभव करने के लिए यहां सभी को आमंत्रित करते हुए बड़ी संख्या में दर्शकों के आने की उम्मीद को लेकर बेहद उत्सुक हैं। ढाक की थाप के साथ ‘खुटी पूजा’ की पारंपरिक रस्मों और मंत्रों की मधुर ध्वनियों ने इस साल की दुर्गा पूजा की तैयारियों की शुभ शुरुआत की। इस मौके पर बड़ी संख्या में सम्मानीय अतिथियों के साथ क्लब के सदस्यों के अलावा आम लोग भी शामिल हुए।
खुटी पूजा के साथ ही हाजरा पार्क दुर्गोत्सव के 84वें संस्करण की तैयारियां आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई हैं। जिसमें समिति की ओर से किए जा रहे मंडप निर्माण में कला, विरासत, परंपरा और सामुदायिक भावना की बेहद खूबसूरत झलकियों का मिश्रण होगा। जिसमें “चिरायत – द रूट्स ऑफ़ बंगाल” की झलकियां इस उत्सव में लोगों के लिए सांस्कृतिक आकर्षण का केंद्र होगा।




