शिक्षा में पारदर्शिता पर सवाल, घुग्घुस के स्कूल शिक्षकों के खिलाफ शिकायत
चंद्रपुर : घुग्घुस क्षेत्र के कई निजी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा नियम विरुद्ध निजी ट्यूशन कक्षाएं संचालित किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में ब्रिथ ऑफ लाइफ मल्टीपरपज सोसाइटी, घुग्घुस के अध्यक्ष प्रणयकुमार शंकर बंडी ने जिलाधिकारी चंद्रपुर को लिखित निवेदन सौंपकर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
निवेदन में उल्लेख किया गया है कि अनेक निजी स्कूलों के स्थायी एवं अस्थायी शिक्षक महाराष्ट्र शासन द्वारा निर्धारित सेवा शर्तों (MEPS Rules) का उल्लंघन कर अपने घरों अथवा अन्य स्थलों पर ट्यूशन कक्षाएं चला रहे हैं। इस अवैध गतिविधि के कारण आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थी शिक्षा में पिछड़ रहे हैं तथा मानसिक तनाव और असमान प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहे हैं।
श्री. प्रणयकुमार ने कहा कि यदि स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण कार्य हो रहा होता तो विद्यार्थियों को निजी ट्यूशन की आवश्यकता नहीं पड़ती। इस कारण शिक्षा की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए हैं।
निवेदन में संदिग्ध स्कूलों की सूची भी प्रस्तुत की गई है, और अन्य निजी संस्थान शामिल हैं।
प्रणयकुमार ने मांग की है कि संबंधित शिक्षकों की जांच कर उनके खिलाफ निलंबन जैसी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए और दोषी स्कूलों की मान्यता रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
साथ ही यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि कार्रवाई नहीं की गई तो यह शिकायत मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और अन्य उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई जाएगी।





