घुग्घुस, चंद्रपुर — महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के जन्मदिन के उपलक्ष्य में घुग्घुस शहर के विभिन्न नुक्कड़-चौराहों पर लगाए गए बैनरों और पोस्टरों में स्थानीय राजनीति की एक अहम कड़ी माने जाने वाले राजुरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक की तस्वीर नदारद रहना अब शहर में चर्चा का मुख्य विषय बन गया है।
स्थानीय लोगों और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच यह सवाल गूंज रहा है कि क्या यह महज एक भूल थी या फिर गुटबाजी की स्पष्ट झलक? जिस तरह से इन पोस्टरों में विधायक को नजरअंदाज किया गया, उससे यह संदेह और गहराता जा रहा है कि शहर की राजनीति में अंतर्कलह और गुटबाजी अब भी जारी है।
यह भी देखा गया है कि उक्त विधायक के कई समर्थक अब खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। वहीं यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या ये कार्यकर्ता वर्तमान में चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक के साथ तालमेल बिठा पाएंगे या यह दरार और चौड़ी होती जाएगी?
शहर के नवनियुक्त अध्यक्ष पर भी अब जिम्मेदारी है कि वह इस विवाद को सुलझाएं और सभी गुटों को एक मंच पर लाकर संगठन को मजबूती प्रदान करें। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या वे इस चुनौती को पार कर पाएंगे या शहर की राजनीति इसी तरह मनोबल तोड़ने और अलगाव की राह पर चलती रहेगी?
अभी के लिए, घुग्घुस की राजनीतिक गलियों में यह मामला गर्म बना हुआ है और आने वाले दिनों में इसका असर स्थानीय राजनीति और कार्यकर्ताओं के मनोबल पर देखने को मिल सकता है।





