उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध फूलों की घाटी राष्ट्रीय उद्यान 1 जून 2025 से पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त यह घाटी हर वर्ष जून से अक्टूबर तक खुली रहती है, जब बर्फ पिघलने के बाद यह क्षेत्र रंग-बिरंगे फूलों से सज जाता है।
फूलों की घाटी समुद्र तल से लगभग 3,658 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और लगभग 87.5 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई है। यहां 500 से अधिक फूलों की प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें ब्रह्मकमल, ब्लू पॉपी और कोबरा लिली जैसी दुर्लभ प्रजातियां शामिल हैं।
पर्यटकों को घाटी में प्रवेश के लिए उत्तराखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण कराना आवश्यक है। घांघरिया गांव, जो फूलों की घाटी का बेस कैंप है, वहां से लगभग 3 किलोमीटर की ट्रेकिंग के बाद घाटी तक पहुंचा जा सकता है। घांघरिया में ठहरने के लिए होटल और गेस्ट हाउस की व्यवस्था है, जिन्हें अग्रिम बुकिंग के माध्यम से आरक्षित किया जा सकता है।
घाटी की सैर के दौरान पर्यटकों को उत्तराखंड सरकार की गाइडलाइंस का पालन करना जरूरी है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षा नियम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, घाटी में कैंपिंग की अनुमति नहीं है, इसलिए पर्यटकों को निर्धारित क्षेत्रों में ही ठहरने की सलाह दी जाती है।
फूलों की घाटी न केवल अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि यह स्थान ट्रेकिंग और साहसिक गतिविधियों के शौकीनों के लिए भी बेहद उपयुक्त है। यहां आने वाले पर्यटक कहते हैं कि घाटी का दृश्य उनकी स्मृतियों में हमेशा के लिए बस जाता है।
यदि आप इस प्राकृतिक स्वर्ग का अनुभव करना चाहते हैं, तो जुलाई से सितंबर के बीच का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है, जब घाटी में फूलों की अधिकतम बहुतायत होती है।




