उसगांव/घुग्घुस (चंद्रपुर): नकोडा से उसगांव की ओर जाने वाले मार्ग पर सोमवार सुबह एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जब ड्यूटी पर जा रहे दो नागरिक धूल की मोटी परत में इस कदर ढँक गए, मानो होली का सूखा रंग किसी ने उन पर उढ़ेल दिया हो। यह दृश्य अब एक वीडियो के माध्यम से सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
वीडियो में उसगांव के प्रतिष्ठित नागरिक प्रेमानंद जोगी और उनके एक मित्र दिखाई देते हैं, जो सड़क पर उड़ती सीमेंट रंग की धूल से पूरी तरह रंगे हुए हैं। चारों तरफ फैली यह धूल न केवल सांस लेने में मुश्किल पैदा कर रही थी, बल्कि आसमान तक को धुंधला कर रही थी। यह दृश्य बेहद दयनीय और चिंताजनक था।
इस वीडियो ने महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) के अधिकारियों और कर्मचारियों की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रदूषण की यह स्थिति बताती है कि क्षेत्र में निर्माण सामग्री या औद्योगिक धूल का निपटान लापरवाही से किया जा रहा है, जिससे आमजन का स्वास्थ्य खतरे में पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब कोई नेता इस तरह का वीडियो वायरल करता है, तब जाकर प्रशासन और अधिकारी जागते हैं। लेकिन आम जनता को तो वर्षों से इस तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उनका सवाल है कि क्या नेताओं और अधिकारियों की संवेदनशीलता सिर्फ मीडिया और सोशल मीडिया तक ही सीमित है?
अब सबकी नजरें ग्रामपंचायत सचिव, सरपंच, नगर परिषद कार्यालय के मुख्य अधिकारी, क्षेत्रीय नेता और सामाजिक कार्यकर्ताओं पर टिकी हैं। देखने वाली बात होगी कि वे इस मुद्दे पर कोई ठोस कार्रवाई करते हैं या सिर्फ औपचारिक खानापूर्ति कर मामले को टाल देते हैं।
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यह घटना सिर्फ एक वीडियो नहीं, बल्कि एक संकेत है उस बढ़ते प्रदूषण का, जिसे नजरअंदाज करना अब संभव नहीं। आम जनता की सेहत और सुरक्षा के लिए यह आवश्यक हो गया है कि संबंधित विभाग तुरंत ठोस कदम उठाएं और धूल नियंत्रण की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करें।




