गुरुग्राम: हरियाणा के गुरुग्राम में भारत के पहले विश्व शांति केंद्र का भव्य उद्घाटन किया गया. इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने समारोह को संबोधित करते हुए भारतीय संस्कृति और संस्कारों की महत्ता पर जोर दिया.
राज्यपाल कटारिया ने अपने संबोधन में कहा, “वास्तव में यह भारत भूमि का ही कमाल है कि यहां कोई न कोई मां अपने घर से ऐसा बच्चा पैदा करती है, जो इस भारत की संस्कृति की रक्षा करने का काम करता है.” उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से मिले संस्कारों का उल्लेख करते हुए कहा, “अगर आज मैं जो कुछ हूं तो वह आरएसएस की वजह से हूं. मुझे जो संस्कार मिले, उन्हें मैंने अपने जीवन में उतारने का प्रयत्न किया.”
विश्व शांति केंद्र की स्थापना का उद्देश्य भारतीय संस्कृति, योग, ध्यान और आध्यात्मिकता के माध्यम से शांति और सद्भावना को बढ़ावा देना है. उद्घाटन समारोह में विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों, विद्वानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया.
इस केंद्र के खुलने से भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और शांति के संदेश को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने में मदद मिलेगी.




