घुग्घुस (चंद्रपुर) : वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) द्वारा कई फीट गहराई से निकाली गई ओवर बर्डन मिट्टी (OB मिट्टी) का बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन और ट्रांसपोर्टिंग हो रही है. इस गैरकानूनी गतिविधि के कारण सरकार को मिलने वाली रॉयल्टी डूब रही है और राजस्व विभाग को प्रतिदिन हजारों रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है. इसके बावजूद संबंधित अधिकारी इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिससे कई सवाल खड़े हो रहे हैं.
प्रशासन की अनदेखी या मिलीभगत?
यह पूरा ट्रांसपोर्टिंग नायब तहसील कार्यालय और घुग्घुस पुलिस स्टेशन के सामने से हो रहा है, जिससे प्रशासन की भूमिका पर भी संदेह पैदा हो रहा है. आखिर इतनी बड़ी मात्रा में अवैध ट्रांसपोर्टिंग बिना किसी मिलीभगत के कैसे संभव हो सकती है? स्थानीय लोगों और जागरूक नागरिकों का कहना है कि अगर इस पर तत्काल रोक नहीं लगाई गई, तो सरकार को बड़ा वित्तीय नुकसान उठाना पड़ेगा.
सरकार को हो रहा बड़ा नुकसान
राजस्व विभाग को हर दिन हजारों रुपए की हानि हो रही है, क्योंकि ओवर बर्डन मिट्टी के अवैध खनन से सरकार को मिलने वाली रॉयल्टी सीधे प्रभावित हो रही है. जानकारों के अनुसार, यदि इस पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में यह मामला और गंभीर रूप ले सकता है.
जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. साथ ही, अवैध उत्खनन में लिप्त वाहनों की पहचान कर उन पर जुर्माना लगाया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके.
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर उचित कार्रवाई करता है या फिर यह मामला यूं ही दबा दिया जाएगा.




