कोलकाता : सीएस (डॉ.) एडवोकेट एवम् एमएसएमई डेवलपमेंट फोरम (पश्चिम बंगाल) की अध्यक्ष ममता बिनानी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शनिवार को पेश किए गए 2025-26 के केंद्रीय बजट को एमएसएमई के लिए एक बड़ा बदलाव बताया है. उन्होंने कहा कि, भारतीय एमएसएमई के लिए यह बजट एक परिवर्तनकारी कदम है. इस बजट में बढ़ी हुई क्रेडिट गारंटी, बढ़ी हुई निवेश सीमा और महिलाओं और युवा उद्यमियों के लिए लक्षित समर्थन विकास और अत्याधुनिकता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ावा मिलेगा, जिससे भारतीय एमएसएमई वैश्विक मंच पर अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे और साथ ही बहुत ज़रूरी रोज़गार के अवसर पैदा होंगे. सूक्ष्म उद्यमों के लिए 5 लाख रुपये की सीमा वाले कस्टमाइज्ड क्रेडिट कार्ड की शुरुआत से वित्त तक आवश्यक पहुँच मिलेगी, जिससे विकास और स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा. इसके अलावा, निर्यात में गैर-टैरिफ बाधाओं से निपटने और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करने से एमएसएमई के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फलने-फूलने के नए रास्ते खुलेंगे. ये उपाय, महिलाओं और युवा उद्यमियों पर बढ़ते ध्यान के साथ अत्याधुनिकता को बढ़ावा देंगे, रोज़गार पैदा करेंगे और भारत को एक मज़बूत वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करेंगे. यह बजट एमएसएमई को मज़बूत करने का यह समग्र दृष्टिकोण समावेशी और टिकाऊ आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
ममता बिनानी पश्चिम बंगाल एमएसएमई डेवलपमेंट फोरम की अध्यक्ष हैं. बिनानी ने कॉरपोरेट गवर्नेंस और सीएसआर 2016 में उत्कृष्टता के लिए आईसीएसआई राष्ट्रीय पुरस्कार, वर्ष 2016 के लिए निदेशक संस्थान के गोल्डन पीकॉक पुरस्कार, वर्ष 2016 के लिए सराहनीय सीएसआर गतिविधि के लिए एसोचैम पुरस्कार के जूरी सदस्य के रूप में कार्य किया है. कोलकाता नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल बार एसोसिएशन की उपाध्यक्ष, मर्चेंट चैंबर ऑफ कॉमर्स-लीगल अफेयर्स काउंसिल के अध्यक्ष और इंसोल इंडिया के कार्यकारी समिति की सदस्य भी हैं. वह इंटरनेशनल वूमेंस इंसोलवेंसी एंड रिस्ट्रक्टरिंग कॉन्फेडरेशन (आईएआईआरसी) बोर्ड की सदस्य भी हैं और वर्तमान में इंडिया नेटवर्क की सह-अध्यक्ष हैं.
बिनानी देश के कुछ प्रतिष्ठित बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक भी हैं, जिनमे सेंचुरी प्लाई, बलरामपुर चीनी मिल्स, इमामी लिमिटेड जैसी प्रतिष्ठित कंपनियां शामिल हैं. बिनानी का मानना है कि, केंद्र सरकार एक इंजन है और वह उस तंत्र के एक सदस्य के रूप में हैं. इस लिहाज से यह उनकी ज़िम्मेदारी है कि वे सरकार के प्रयासों को जन-जन से लेकर समाज के हर वर्गों तक पहुंचाए.




