प्रणयकुमार बंडी
घुग्घुस (चंद्रपुर) : शहर में हाल के दिनों में अवैध ट्रांसपोर्टिंग तेजी से बढ़ी है. आरटीओ अधिकारी और पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं. वेकोली वणी क्षेत्र की खुली खदानों और अन्य कंपनियों से कोयला, छुरी, बेडमेटल, फ्लाई एश, रेती, मिट्टी, बदबूदार कचरा और अन्य सामग्री से लदे वाहन नियमों का उल्लंघन करते हुए क्षेत्र में बेरोकटोक चलते हैं.
मुख्य समस्याएं:
कई वाहन बिना आरटीओ अनुमोदित त्रिपाल के चलते हैं. कुछ वाहन बिना सील के सड़क पर दौड़ते हैं, जिससे सामग्री गिरती रहती है. इन वाहनों से सड़क पर धूल और गंदगी फैल रही है. घुग्घुस-चंद्रपुर, घुग्घुस-तड़ाली, और घुग्घुस-गड़चांदुर जैसे मार्गों पर ये वाहन अवैध कोल डिपो और ईंट भट्टियों तक सामान पहुंचाते हैं. सड़कों पर इनकी गतिविधियां सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डाल रही हैं. सूत्रों के अनुसार, संबंधित अधिकारियों को वाहन संचालन की अनुमति देने के लिए प्रति वाहन ₹3000 से ₹4000 की रिश्वत दी जाती है.
समाधान के उपाय:
अवैध वाहनों पर रोक लगाई जाए और उन्हें जब्त किया जाए. नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाए. वाहनों को आरटीओ मानकों के तहत संचालन सुनिश्चित किया जाए. त्रिपाल और सील का अनिवार्य पालन कराया जाए. अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए और भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर सख्त कार्रवाई हो. ट्रांसपोर्ट कंपनियों और चालकों को नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया जाए.
इस बढ़ती अव्यवस्था पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन को तुरंत कदम उठाने की जरूरत है. जनता और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए ठोस नीतियां लागू करना समय की मांग है.




