अत्यधिक प्रदूषित विश्व विख्यात घुग्घुस निवासियों के जीवन को बचाने के लिए 9 जून 2014 को मंजूर ग्रामीण अस्पताल का कार्य 1 वर्ष से चल रहा था, लेकिन अंतिम समय में ठेकेदार ने काम बंद कर दिया क्योंकि सरकार ने रु. 5 करोड़ नहीं दिया.
घुग्घुस : घुग्घुस नगर परिषद कार्यालय के अंतर्गत 30 बिस्तरों वाले ग्रामीण चिकित्सालय का कार्य प्रगति पर है. सरकार की घोषणा के अनुसार भवन निर्माण की अनुमानित लागत रु. 8 करोड़ राशि पर सहमति बनी. भवन निर्माण का भूमिपूजन 06.12.2021 को हुआ है. भूमि पूजन के बाद निर्माण शुरू हुआ. भवन के भूतल का काम पूरा होने के बाद सरकार की ओर से ठेकेदार को 31 मार्च 2022 तक की राशि 2,40,00,000/- रु. बिल की राशि प्राप्त हुई. उसके बाद पूरे 1 साल से ठेकेदार को सरकार के माध्यम से कोई राशि नहीं मिली है. भवन के निर्माण पर आज तक खर्च की गई राशि 5 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है. सरकारी रुपये की अनुमानित राशि 5,30,00,000/- के बकाया (भुगतान न होने के कारण) के कारण ठेकेदार ने दिनांक 02.04.2023 से भवन निर्माण कार्य बंद कर दिया है.

इबाद्दुल सिद्दीकी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि सरकार ने कोरोना के आने वाले दिनों को लेकर भी चेतावनी जारी की है. अत्यधिक प्रदूषित घुग्घुस शहर के नागरिकों का स्वास्थ्य भी बिगड़ रहा है. नागरिकों के स्वास्थ्य को देखते हुए आने वले दिनों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण पूरा करने का सही समय है.
उक्त मामले के अनुसार, महाराष्ट्र राज्य मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, लोक निर्माण मंत्री, पालक मंत्री (जिला चंद्रपुर, विधायक), कलेक्टर जिला चंद्रपुर, अधीक्षण अभियंता स.ब. मंडल चंद्रपुर, कार्यकारी अभियंता सा. बा. वी चंद्रपुर, अनुविभागीय अभियंता को 3 बार पत्र पत्राचार एवं ई-मेल के माध्यम से सूचना भेजी जा चुकी है. लेकिन अभी तक किसी भी मंत्री या सरकारी अधिकारी द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है और ऐसा प्रतीत होता है कि मामले की उपेक्षा की गई है. “क्या इसका मतलब यह नहीं है कि घुग्घुस के निवासियों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं होनी चाहिए?” आज एक प्रश्न चिह्न खड़ा हो गया है. ग्रामीण अस्पताल का निर्माण करने वाले ठेकेदार को यदि उसका बकाया बिल तुरंत भुगतान कर दिया जाता है, तो बाकी का निर्माण भवन बनकर तैयार होगा जल्द ही सुविधा उपलब्ध होगी.




