बल्लारपुर/विसापुर (चंद्रपुर) : विसापुर में 17 वर्षीय युवक विराज बापू आगधारी की निर्मम हत्या की घटना ने न केवल पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है, बल्कि नाबालिगों में बढ़ते अपराध और हिंसक प्रवृत्ति को लेकर भी गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। जिस उम्र में बच्चों को शिक्षा, खेल और भविष्य निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए, उस उम्र में पुरानी दुश्मनी, गैंग जैसी मानसिकता और हत्या जैसी वारदात सामने आना समाज और व्यवस्था दोनों के लिए खतरे की घंटी माना जा रहा है।
शुक्रवार (16/05/2026) शाम करीब 6 बजे हुई इस घटना में चर्चाओं के अनुसार 5 से 6 युवक दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर विसापुर पहुंचे थे। तुकडोजी चौक इलाके में उन्होंने विराज को घेरने का प्रयास किया। पहले धारदार हथियार से हमला करने की कोशिश की गई, लेकिन वह जान बचाकर भाग निकला। इसके बाद रेलवे गेट के पास उसे पकड़कर पत्थरों से सिर पर बेरहमी से हमला किया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
प्रारंभिक जांच में पुरानी रंजिश को हत्या की वजह माना जा रहा है। हालांकि, इतनी कम उम्र में दुश्मनी का यह खतरनाक रूप कई सवाल खड़े कर रहा है। आखिर किशोरों में बढ़ती आक्रामकता, हथियारों का इस्तेमाल और हिंसक मानसिकता के पीछे क्या कारण हैं? सामाजिक जानकारों का मानना है कि गलत संगत, सोशल मीडिया पर अपराध का प्रभाव, पारिवारिक संवाद की कमी और स्थानीय स्तर पर बढ़ती आपराधिक प्रवृत्तियां किशोरों को गलत रास्ते की ओर धकेल रही हैं।
घटना के बाद इलाके में तनाव और दहशत का माहौल है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। शव को पोस्टमार्टम के लिए ग्रामीण अस्पताल भेजा गया है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। क्षेत्र में किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि समाज के सामने खड़ा होता एक गंभीर सवाल है — क्या अब नाबालिग भी अपराध की दुनिया में तेजी से कदम बढ़ा रहे हैं? यदि समय रहते परिवार, समाज, स्कूल और प्रशासन ने मिलकर इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाले समय में ऐसी घटनाएं और बढ़ सकती हैं।




