चंद्रपुर : घुग्घुस और आसपास के गांवों में गोवंश चोरी, तस्करी और कत्तल की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं? आम नागरिकों और गौ रक्षकों द्वारा समय-समय पर इन घटनाओं पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई जाती रही है. लेकिन प्रशासन की ओर से इस दिशा में ठोस कदम न उठाने के कारण स्थानीय जनता में असुरक्षा और आक्रोश का माहौल पैदा हो रहा है.
सूत्रों के अनुसार, इस तस्करी के तार न केवल घुग्घुस, बल्कि महाराष्ट्र के अन्य जिलों और तेलंगाना के कुछ कत्तलखानों से जुड़े हुए हैं. यह मामला संगठित अपराध का रूप ले चुका है, जिससे क्षेत्र में सामाजिक तानाबाना प्रभावित हो रहा है.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, प्रशासन और पुलिस विभाग को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए. सीमाओं पर निगरानी बढ़ाने, संदिग्ध गतिविधियों पर नज़र रखने और तस्करी में शामिल लोगों पर सख्त कानूनी कदम उठाने की आवश्यकता है. इसके अलावा, स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों को भी सतर्क रहकर प्रशासन के साथ सहयोग करना होगा, ताकि इस समस्या पर प्रभावी तरीके से काबू पाया जा सके.
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