वॉशिंगटन: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए ईरान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कूटनीति को प्राथमिकता देने के बावजूद ईरान ने परमाणु हथियारों की अपनी कोशिशें जारी रखीं और हर समझौते को ठुकरा दिया।
राष्ट्रपति ट्रम्प के अनुसार, इसी के चलते जून महीने में उन्होंने ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ के तहत ईरान की प्रमुख परमाणु सुविधाओं पर हमले का आदेश दिया। इस कार्रवाई में अमेरिकी B-2 बमवर्षकों का इस्तेमाल किया गया, जिन्होंने “शानदार प्रदर्शन” करते हुए लक्ष्यों को पूरी तरह नष्ट कर दिया।
उन्होंने दावा किया कि हमले के बाद भी ईरान ने एक अन्य स्थान पर अपना परमाणु कार्यक्रम फिर से शुरू करने की कोशिश की, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि वह परमाणु हथियार हासिल करने की अपनी मंशा से पीछे हटने को तैयार नहीं है।
ट्रम्प ने आगे कहा कि ईरान तेजी से लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का बड़ा जखीरा तैयार कर रहा था, जो जल्द ही अमेरिका, यूरोप और दुनिया के अन्य हिस्सों तक पहुंचने में सक्षम हो सकती थीं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि ईरान के पास कुछ ऐसे उन्नत हथियार थे, जिनकी जानकारी पहले किसी को नहीं थी।
राष्ट्रपति के अनुसार, अमेरिकी सेना ने इन सभी संभावित खतरों को निष्क्रिय कर दिया है। उन्होंने कहा, “हमने उन सभी को खत्म कर दिया ताकि कोई भी उन्हें रोकने की हिम्मत न कर सके।”
अपने संबोधन में ट्रम्प ने यह भी चेतावनी दी कि ईरान परमाणु बम हासिल करने की दहलीज पर पहुंच चुका था। उन्होंने कहा कि वर्षों से यह कहा जाता रहा है कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं मिलना चाहिए, लेकिन यदि समय आने पर कार्रवाई नहीं की जाए, तो ऐसे बयान केवल शब्द बनकर रह जाते हैं।
इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है और वैश्विक राजनीति में इसके दूरगामी प्रभाव पड़ सकते हैं।




