प्रणयकुमार बंडी
वणी, यवतमाल: कोल गांव माइनस ऑल रोड क्षेत्र में 13 जनवरी 2025 को बाघ दिखाई देने की घटना ने कामगारों और स्थानीय निवासियों में चिंता बढ़ा दी है. यह क्षेत्र वेकोली वणी क्षेत्र के अंतर्गत आता है, जहां पहले भी गाड़ेगाव परिसर में नए साल के दिन बाघ देखे जाने की खबर आई थी. बाघ का बार-बार इन इलाकों में आना सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मुद्दा है.
कामगारों की सुरक्षा के लिए संभावित कदम उठाएं जाने चाहिए. जैसे कि वन विभाग को तत्काल बाघ की लोकेशन ट्रैक करनी चाहिए. बाघ को रिहायशी क्षेत्र से दूर उसके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित स्थानांतरित किया जाना चाहिए. क्षेत्र में अधिक रोशनी और सुरक्षा गश्त की व्यवस्था की जाए. श्रमिकों को रात्रि और द्वितीय पाली में समूहों में काम करने के निर्देश दिए जाएं. सुरक्षा अलर्ट और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं.
स्थानीय प्रशासन को श्रमिक संगठनों के साथ बैठक कर सुरक्षा उपायों को लागू करना चाहिए. क्षेत्रीय विधायक और पूर्व वनमंत्री सुधीर मुनगंटीवार, और गणेश सुभद्रा नायक जैसे नेताओं से ठोस कदम उठाने की उम्मीद है.
मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए वन क्षेत्रों की सीमा को स्पष्ट किया जाए. बाघों के आवास और भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वनीकरण अभियान चलाए जाएं. यह घटना वन्यजीवों और इंसानों के बीच बढ़ते संघर्ष को उजागर करती है, जिससे निपटने के लिए सामूहिक प्रयास और त्वरित निर्णय लेना आवश्यक है.




