2006 से देवी स्थापना की परंपरा कायम; पिछले तीन वर्षों से नौ देवियों के दिव्य स्वरूपों की स्थापना कर मंडल ने बढ़ाई धार्मिक आयोजन की भव्यता
प्रणयकुमार बंडी
घुग्घूस, चंद्रपुर। नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की भक्ति, शक्ति और आस्था का प्रतीक है। इन नौ दिनों में माता के नौ स्वरूपों की आराधना कर श्रद्धालु सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। इसी धार्मिक आस्था और परंपरा को आगे बढ़ाते हुए घुग्घूस के प्रभाग क्रमांक 9 स्थित मां शक्ति मां दुर्गा मंडल द्वारा नवदुर्गा के नौ स्वरूपों की स्थापना की गई है, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
मंडल की ओर से वर्ष 2006 से लगातार मां दुर्गा की स्थापना करने की परंपरा निभाई जा रही है। लगभग दो दशकों से जारी इस धार्मिक परंपरा के माध्यम से मंडल के सदस्य माता की भक्ति और सामाजिक धार्मिक एकता की भावना को मजबूत कर रहे हैं।

विशेष बात यह है कि पिछले तीन वर्षों से मंडल द्वारा मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की स्थापना की जा रही है। नवदुर्गा के इन दिव्य स्वरूपों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। आकर्षक सजावट और नौ देवियों की एक साथ उपस्थिति धार्मिक वातावरण को और भी भक्तिमय बना रही है।
हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा नवरात्रि के प्रत्येक दिन विशेष महत्व रखती है। मां शैलपुत्री से लेकर मां सिद्धिदात्री तक, प्रत्येक स्वरूप शक्ति, साहस, ज्ञान, समृद्धि और कल्याण का संदेश देता है।
मां शक्ति मां दुर्गा मंडल की यह पहल केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी एक सराहनीय प्रयास है। वर्ष 2006 से आस्था की ज्योत जलाए रखने और पिछले तीन वर्षों से नवदुर्गा के नौ स्वरूपों की स्थापना करने की यह परंपरा घुग्घूस में श्रद्धा और भक्ति का सुंदर उदाहरण बन रही है।
मां दुर्गा के जयकारों से गूंजता वातावरण और नौ देवियों के दर्शन श्रद्धालुओं के मन में भक्ति, सकारात्मकता और शक्ति का संचार कर रहे हैं।




