Tuesday, September 22, 2026

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1 अप्रैल 2027 से मोबाइल स्क्रीन गार्ड पर BIS नियम लागू, घटिया टेम्पर्ड ग्लास की बिक्री पर लगेगी रोक

नई दिल्ली : स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले करोड़ों उपभोक्ताओं के लिए सरकार ने मोबाइल स्क्रीन प्रोटेक्टर यानी स्क्रीन गार्ड और टेम्पर्ड ग्लास से जुड़ा महत्वपूर्ण गुणवत्ता नियम लागू करने का फैसला किया है। 1 अप्रैल 2027 से स्मार्टफोन के लिए बनाए जाने वाले ग्लास स्क्रीन प्रोटेक्टर को निर्धारित भारतीय मानक का पालन करना और अनिवार्य पंजीकरण व्यवस्था के तहत आना होगा। सरकार ने इसके लिए IS 19348:2025 — Glass Screen Protector — Specification मानक निर्धारित किया है।

इस कदम का उद्देश्य बाजार में उपलब्ध स्क्रीन प्रोटेक्टर की गुणवत्ता के लिए एक समान मानक तय करना है। वर्तमान में बाजार में अलग-अलग कीमतों और गुणवत्ता वाले स्क्रीन गार्ड तथा टेम्पर्ड ग्लास उपलब्ध हैं। नए नियम के लागू होने के बाद संबंधित निर्माताओं और आयातकों को निर्धारित मानकों के अनुरूप उत्पाद तैयार करने होंगे।

1 अप्रैल 2027 से लागू होगा नया नियम

सरकार ने Electronics and Information Technology Goods (Requirement of Compulsory Registration) Order, 2021 के तहत बदलाव करते हुए मोबाइल स्क्रीन प्रोटेक्टर को अनिवार्य पंजीकरण व्यवस्था में शामिल किया है। यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2027 से प्रभावी होगी। इससे निर्माताओं और आयातकों को नए मानकों के अनुसार उत्पाद तैयार करने तथा आवश्यक परीक्षण और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए समय मिलेगा।

IS 19348:2025 में क्या-क्या शामिल है?

नए भारतीय मानक में ग्लास स्क्रीन प्रोटेक्टर की गुणवत्ता और उसकी तकनीकी विशेषताओं से जुड़े कई पहलुओं को शामिल किया गया है। इनमें मुख्य रूप से—

  • ग्लास की मजबूती और गुणवत्ता
  • स्क्रीन प्रोटेक्टर की निर्धारित मोटाई
  • आकार और आयाम
  • एंटी-शटर फिल्म
  • एडहेसिव यानी चिपकने वाली परत
  • ओलेओफोबिक कोटिंग
  • एंटी-ग्लेयर फिल्म
  • ब्लू-लाइट फिल्टरिंग
  • प्राइवेसी फिल्म
  • उत्पाद की संरचना और संबंधित परीक्षण

जैसे पहलू शामिल हैं। BIS के मसौदा मानक में स्क्रीन प्रोटेक्टर के लिए ग्लास की मजबूती और प्रदर्शन से संबंधित परीक्षणों तथा तकनीकी आवश्यकताओं का भी उल्लेख किया गया था।

उपभोक्ताओं को क्या फायदा होगा?

नए नियम का सबसे बड़ा असर उपभोक्ताओं के लिए गुणवत्ता के एक निर्धारित मानक के रूप में देखने को मिल सकता है। स्क्रीन गार्ड खरीदते समय केवल कीमत या ब्रांड के बजाय निर्धारित मानकों के अनुरूप उत्पाद उपलब्ध होने की उम्मीद रहेगी।

BIS के अनुसार, अनिवार्य पंजीकरण व्यवस्था के अंतर्गत आने वाले इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों पर संबंधित Registration Mark का प्रावधान होता है। BIS उपभोक्ता शिकायतों में गुणवत्ता, मानक चिह्न के दुरुपयोग और मानकों के उल्लंघन से जुड़े मामलों को भी स्वीकार करता है।

सस्ते और बिना मानक वाले स्क्रीन गार्ड पर असर

मोबाइल एक्सेसरीज के बाजार में बड़ी संख्या में कम कीमत वाले स्क्रीन गार्ड और टेम्पर्ड ग्लास उपलब्ध हैं। नए नियम के बाद निर्धारित दायरे में आने वाले उत्पादों को संबंधित गुणवत्ता आवश्यकताओं और पंजीकरण व्यवस्था का पालन करना होगा।

इसका मतलब यह है कि 1 अप्रैल 2027 के बाद केवल ऐसा स्क्रीन प्रोटेक्टर बाजार में बेचा जा सकेगा जो लागू नियमों और निर्धारित मानकों के अनुरूप हो। हालांकि, इससे हर सस्ता स्क्रीन गार्ड स्वतः घटिया या अवैध नहीं माना जाएगा; निर्णायक बात यह होगी कि संबंधित उत्पाद नए नियामकीय मानकों और पंजीकरण आवश्यकताओं को पूरा करता है या नहीं।

निर्माताओं और आयातकों के लिए क्या बदलेगा?

निर्माताओं को अपने उत्पादों की गुणवत्ता, उत्पादन प्रक्रिया और परीक्षण व्यवस्था को निर्धारित भारतीय मानक के अनुरूप करना होगा। BIS की प्रक्रिया के अनुसार, उत्पाद के लिए संबंधित भारतीय मानक की पहचान, आवश्यक उत्पादन एवं गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था और परीक्षण क्षमता का आकलन किया जाता है। अनुरूपता स्थापित होने के बाद संबंधित पंजीकरण/प्रमाणन प्रक्रिया आगे बढ़ती है।

इससे मोबाइल एक्सेसरीज बनाने वाली कंपनियों, ब्रांडों और आयातकों को अपने उत्पादों की गुणवत्ता और दस्तावेजी अनुपालन पर विशेष ध्यान देना होगा।

बाजार में भी दिख सकता है बदलाव

नए नियम का असर मोबाइल एक्सेसरीज के खुदरा बाजार पर भी पड़ सकता है। जिन कंपनियों के उत्पाद पहले से निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप हैं, उन्हें नए ढांचे के अनुसार पंजीकरण संबंधी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। वहीं, ऐसे उत्पाद जो निर्धारित आवश्यकताओं को पूरा नहीं करते, उनके लिए बाजार में बने रहना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

उद्योग के लिए सरकार ने नियम लागू होने से पहले तैयारी का समय दिया है। इससे कंपनियां अपने उत्पादों का परीक्षण, आवश्यक प्रक्रियाएं और पंजीकरण पूरा कर सकेंगी।

उपभोक्ताओं के लिए जरूरी संदेश

मोबाइल स्क्रीन प्रोटेक्टर खरीदते समय उपभोक्ताओं को आने वाले समय में केवल कीमत देखकर खरीदारी करने के बजाय उत्पाद की गुणवत्ता, पैकेजिंग पर दिए गए मानक संबंधी विवरण और लागू होने के बाद आवश्यक BIS पंजीकरण चिह्न की जानकारी पर ध्यान देना चाहिए।

कुल मिलाकर, 1 अप्रैल 2027 से मोबाइल स्क्रीन प्रोटेक्टर का बाजार एक निर्धारित गुणवत्ता व्यवस्था के दायरे में आएगा। सरकार का यह कदम स्क्रीन गार्ड और टेम्पर्ड ग्लास की गुणवत्ता में एकरूपता लाने तथा उपभोक्ताओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप उत्पाद उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव है।

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Pranaykumar Bandi

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