वणी, घुग्घूस सहित विभिन्न क्षेत्रों में कृषि भूमि के अनधिकृत विभाजन और संभावित आर्थिक धोखाधड़ी का मामला उठाया
घुग्घूस, चंद्रपुर : यवतमाल जिले की वणी तहसील के शिवनी, चिंचोली सहित विभिन्न गांवों तथा चंद्रपुर जिले के घुग्घूस क्षेत्र में कथित अवैध प्लॉटिंग, कृषि भूमि के अनधिकृत विभाजन और छोटे-छोटे कमरों की खरीद-बिक्री के मामले को लेकर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई है।
इस संबंध में ब्रिथ ऑफ लाइफ मल्टीपरपज सोसाइटी के संस्थापक एवं अध्यक्ष प्रणयकुमार बंडी ने यवतमाल के पुलिस अधीक्षक को निवेदन सौंपकर संबंधित क्षेत्रों में चल रहे कथित भूमि कारोबार की जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

निवेदन में बताया गया है कि कुछ स्थानों पर कृषि भूमि, गांवठाण क्षेत्र और अन्य जमीनों को छोटे-छोटे भूखंडों में विभाजित कर 8×10, 10×10 और 10×12 फुट के कमरों एवं निर्माणों के माध्यम से खरीद-बिक्री किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप है कि कुछ मामलों में जमीन की वैधानिक स्थिति, एनए (NA) आदेश, नगर रचना विभाग की मंजूरी और निर्माण अनुमति जैसी आवश्यक जानकारियां स्पष्ट किए बिना बिक्री की जा रही है।
इसके अलावा, कुछ स्थानों पर संभावित कोयला खदान विस्तार और वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) की परियोजनाओं का हवाला देकर लोगों को जमीन और कमरे खरीदने के लिए आकर्षित किए जाने की आशंका भी व्यक्त की गई है।
प्रणयकुमार ने निवेदन में कहा है कि केवल खदान विस्तार की संभावना के आधार पर किसी जमीन या निर्माण के खरीदार को भविष्य में मुआवजा अथवा पुनर्वास का लाभ मिलने का अधिकार स्वतः प्राप्त नहीं होता। इसलिए संबंधित जमीनों और WCL परियोजनाओं से जुड़े दावों की आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर जांच होना आवश्यक है।
दस प्रमुख मांगें रखीं
निवेदन के माध्यम से राजस्व विभाग, नगर रचना विभाग, स्थानीय निकाय और पुलिस विभाग के अधिकारियों की संयुक्त जांच समिति गठित करने की मांग की गई है। साथ ही संबंधित जमीनों के सातबारा, नमूना 8-अ, फेरफार अभिलेख, भूमि स्वामित्व, एनए आदेश, लेआउट मंजूरी और निर्माण अनुमति की जांच करने का आग्रह किया गया है।
इसके अलावा जमीन एवं कमरों की खरीद-बिक्री के दस्तावेजों, रसीदों और विज्ञापनों की जांच, WCL की प्रस्तावित एवं स्वीकृत परियोजनाओं से संबंधित दावों का सत्यापन, संभावित आर्थिक धोखाधड़ी की जांच तथा प्रभावित खरीदारों के हितों की सुरक्षा की मांग की गई है।
यदि जांच में नियमों का उल्लंघन या आर्थिक धोखाधड़ी प्रमाणित होती है, तो संबंधित व्यक्तियों और बिचौलियों के खिलाफ लागू कानूनों के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग भी की गई है।
खरीदारों की मेहनत की कमाई सुरक्षित रहे
प्रणयकुमार ने कहा कि जमीन और मकान आम नागरिक की जीवनभर की मेहनत की कमाई से जुड़े होते हैं। यदि किसी व्यक्ति को भ्रामक जानकारी या भविष्य में मुआवजा मिलने के आश्वासन पर जमीन अथवा कमरा बेचा जाता है, तो इसका सबसे अधिक नुकसान सामान्य और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को उठाना पड़ सकता है।
उन्होंने पुलिस प्रशासन से वणी तहसील के अन्य प्रभावित गांवों के साथ घुग्घूस सहित चंद्रपुर जिले के संबंधित क्षेत्रों में भी आवश्यकतानुसार जांच कराने का आग्रह किया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी नहीं माना जाना चाहिए। सभी मामलों में उपलब्ध दस्तावेजों और ठोस साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कर प्रभावित नागरिकों को न्याय दिलाया जाए।




