नेपाल सरकार ने संचार मंत्रालय में सूचीबद्ध न किए गए सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स को बंद करने का निर्णय लिया है। इस फैसले को लेकर विपक्षी दलों के साथ-साथ सत्ता पक्ष में शामिल नेपाली कांग्रेस के एक महासचिव ने भी आपत्ति जताई है।
नेपाली कांग्रेस के महासचिव ने कहा कि सरकार का यह कदम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उनका मानना है कि किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म को प्रतिबंधित करने से पहले सरकार को व्यापक चर्चा और समीक्षा करनी चाहिए थी।
विपक्षी दलों ने भी इसे जनता की आवाज़ दबाने की कोशिश बताते हुए सरकार के निर्णय की कड़ी आलोचना की है। वहीं, सरकार का कहना है कि असूचीबद्ध सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स का इस्तेमाल फेक न्यूज़ और अवैध गतिविधियों के प्रसार के लिए किया जा रहा था, इसलिए यह कदम उठाया गया है।
इस मुद्दे पर नेपाल की राजनीति में गरमागरमी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में संसद से लेकर सड़क तक इस पर बहस होने की संभावना है।




