9 तालुकों में 9 रेतीघाट खुले हैं
बालू (रेत) परिवहन की अंतिम तिथि 9 जून है
कलेक्टर ने घरों के लिए रेत का ही उपयोग करने की अपील की
यवतमाल : प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ-साथ आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के हितग्राहियों के परिवारों के लिये सरकार की 19 अप्रैल के एक निर्णय के अनुसार बिना किसी शुल्क के पांच ब्रा तक बालू (रेत) खनन की अनुमति देने का प्रावधान किया गया है. इसके अनुसार कलेक्टर अमोल येडगे ने तहसीलदारों की मांग के अनुरूप यवतमाल जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों के परिवारों के साथ-साथ आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के नौ तालुकों में रेत के नौ घाट खोलने की अनुमति दे दी है.
जिले में कुल 30 रेतीघाट हैं और उनके लिए 20 डिपो नामित किए गए हैं. रेती घाट से बालू (रेत) खनन, रेती घाट से डिपो तक रेत का परिवहन एवं डिपो प्रबंधन के लिये दो बार निविदा प्रक्रिया करायी गयी. उसमें से 4 डिपो और 8 रेती घाटों के लिए टेंडर स्वीकृत किए गए थे.
हालांकि, शेष 22 रेती घाटों के लिए पर्यावरण मंजूरी प्राप्त कर ली गई है और चूंकि निविदा प्रक्रिया का कोई जवाब नहीं आया, इसलिए 9 रेत घाटों को कलेक्टर द्वारा केवल प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थियों के परिवारों को मुफ्त रेत उपलब्ध कराने के लिए खोला गया है.
योजना और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए 9 रेतीघाट:
तालुका बाभुलगाँव – मौजा भैयापुर – – रेतीघाट समूह संख्या -17 और 18, तालुका घाटंजी – मौजा रत्नपुर, समूह संख्या 29, 30, तालुका दारवा – मौजा सवांगी, समूह संख्या 81, 82, 86, 87, 88, 91, 92, 95, 96 और 97,
तालुका दिग्रास-मौजा सवांगा खुर्द, ग्रुप नं
36,37 38, 40, 41,42,43,44,45,47, तालुका उमरखेड – मौजा चलगनी, समूह संख्या 2,3,122,123,124,125 और 126, तालुका उमरखेड – मौजा गुरफली, समूह संख्या – 3,5,15,16,17,18,19,20,21, तालुका महागाव – मौजा भोसा, ग्रुप नंबर 156, तालुका वणी – मौजा भुरकी-2, ग्रुप नंबर 18,20,21, तालुका जरीजामनी – मौजा हीरापुर, ग्रुप नंबर 250 खोला गया है. इन 9 बालू घाटों पर 27 हजार 342 ब्रास रेत के भंडार उपलब्ध हैं.
इस रेती घाट से घरकुल हितग्राही 9 जून तक अपने वाहन से 5 ब्रा तक मुफ्त रेत ले जा सकते हैं. केवल आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग एवं प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी ही रेत का परिवहन करेंगे. जिला कलक्टर अमोल येडगे ने रिमोट सिस्टम के माध्यम से संबंधित तालुका के तहसीलदार व समूह विकास अधिकारी को इसका संज्ञान लेने के निर्देश दिए हैं.
कलेक्टर अमोल येडगे ने निर्देश दिये कि उक्त बालू के परिवहन में किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं होगी, हितग्राही बालू का उपयोग गृह कार्य में ही करेंगे तथा रेत का परिवहन निर्धारित मानक प्रणाली के अनुसार किया जायेगा.




