प्रणयकुमार बंडी
घुग्घुस, चंद्रपुर : प्रभाग क्रमांक 01 में पिछले कई दिनों से गहराई पानी किल्लत ने नागरिकों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। शिवनगर, शास्त्री नगर, आंबेडकर नगर समेत कई इलाकों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। भीषण गर्मी और तेज धूप के बीच पानी की समस्या ने बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि शिवनगर स्थित सोलर वॉटर टंकी पिछले कई हफ्तों से क्षतिग्रस्त पड़ी हुई है, जिसकी मरम्मत के लिए बार-बार गुहार लगाने के बावजूद नगर परिषद का पानीपुरवठा विभाग केवल आश्वासन देने में व्यस्त है। वहीं दूसरी ओर WCL द्वारा भी समय पर पानी नहीं छोड़े जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
नागरिकों का कहना है कि जब गर्मी अपने चरम पर है, तब जिम्मेदार विभागों की सुस्ती लोगों के गुस्से को और भड़का रही है। क्षेत्र में कई परिवारों को निजी टैंकरों का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ता जा रहा है।
इस पूरे मामले में नगर परिषद के अधिकारी, नगरसेवक और नगरसेविकाएं “लेबर की कमी” का हवाला देकर अपनी जिम्मेदारी से बचते नजर आ रहे हैं। लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि आखिर नगराध्यक्ष, पानीपुरवठा सभापति और मुख्याधिकारी अब तक इस समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं निकाल पाए?
एक ओर नगर परिषद प्रशासन द्वारा नागरिकों को धूप से बचने, सतर्क रहने और स्वास्थ्य का ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है, तो दूसरी ओर सबसे बुनियादी जरूरत — पानी — की आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई दिखाई दे रही है।
राजनीतिक गलियारों में भी अब यह मुद्दा गरमाने लगा है। विपक्षी खेमे का आरोप है कि नगर परिषद केवल बैठकों और बयानबाजी तक सीमित हो गई है, जबकि जमीनी स्तर पर जनता पानी के लिए त्राहिमाम कर रही है। कुछ स्थानीय नागरिकों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि समय रहते सोलर टंकी की मरम्मत और जल वितरण व्यवस्था दुरुस्त की जाती, तो आज यह स्थिति पैदा नहीं होती।
क्षेत्र की जनता अब पूछ रही है कि आखिर शिवनगर, शास्त्री नगर, आंबेडकर नगर और आसपास के इलाकों को पानी संकट से कब राहत मिलेगी? क्या नगर परिषद और WCL केवल जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डालते रहेंगे, या फिर नागरिकों की समस्या का ठोस समाधान भी निकाला जाएगा?
फिलहाल, प्रभाग क्रमांक 01 की जनता राहत की उम्मीद में प्रशासन की ओर टकटकी लगाए बैठी है, लेकिन बढ़ती गर्मी और घटती जलापूर्ति ने लोगों का धैर्य जवाब देना शुरू कर दिया है।




