कृषि भूमि पर NA और नगर रचना विभाग की अनुमति के बिना लेआउट विकसित करने का दावा; WCL प्रशासन से भूमिका स्पष्ट करने और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग
प्रणयकुमार बंडी
वणी, यवतमाल : यवतमाल जिले की वणी तहसील में कथित अवैध प्लॉटिंग और नागरिकों के साथ आर्थिक धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इस संबंध में एक युवक ने वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (WCL) के वणी क्षेत्र के ताडाली स्थित क्षेत्रीय महाप्रबंधक को लिखित शिकायत सौंपकर मामले की जांच करने और कंपनी के नाम का कथित दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, चिंचोली निवासी और अन्य पर आरोप है कि वे WCL के खदान कार्य और सेक्टर-9 परियोजना का हवाला देकर कृषि भूमि की खरीद-बिक्री तथा प्लॉटिंग के संबंध में नागरिकों को कथित तौर पर गुमराह कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

NA और नगर रचना विभाग की अनुमति पर सवाल
शिकायत में दावा किया गया है कि संबंधित कृषि भूमि का अकृषिक (NA) रूपांतरण कराने के लिए राजस्व विभाग की आवश्यक अनुमति नहीं ली गई है। साथ ही, जमीन पर प्लॉटिंग करने से पहले नगर रचना विभाग से लेआउट की मंजूरी या नक्शा पास कराए जाने के संबंध में भी सवाल उठाए गए हैं।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन किए बिना कृषि भूमि को छोटे-छोटे भूखंडों में विभाजित कर बेचे जाने की आशंका है। इससे जमीन खरीदने वाले नागरिकों को भविष्य में कानूनी और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
WCL के सेक्टर-9 प्रोजेक्ट का हवाला देने का आरोप
शिकायत में यह भी कहा गया है कि संबंधित भूमि को WCL के सेक्टर-9 प्रोजेक्ट के अंतर्गत आने वाली जमीन बताकर नागरिकों को जमीन की कीमत बढ़ने का भरोसा दिलाया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि इस प्रकार के दावों के कारण लोग जमीन खरीदने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।
इसी आधार पर WCL प्रशासन से यह स्पष्ट करने की मांग की गई है कि संबंधित जमीन का कंपनी की परियोजना से वास्तव में कोई संबंध है या नहीं। साथ ही, कंपनी के नाम का कथित दुरुपयोग कर नागरिकों को गुमराह किए जाने के आरोपों की जांच करने का आग्रह किया गया है।

WCL प्रशासन और पुलिस से कार्रवाई की मांग
युवक ने अपने आवेदन में दो प्रमुख मांगें रखी हैं। पहली, WCL के नाम का कथित दुरुपयोग कर जमीन खरीदने के इच्छुक नागरिकों को गुमराह करने के मामले में कंपनी अपनी आधिकारिक भूमिका स्पष्ट करे। दूसरी, संबंधित व्यक्ति के खिलाफ शिकायत की जांच कर आवश्यकतानुसार प्रशासनिक और पुलिस कार्रवाई की जाए।
उपलब्ध शिकायत पत्र पर WCL वणी क्षेत्र के कार्यालय की प्राप्ति मुहर दिखाई दे रही है, जिस पर 13 अक्टूबर 2026 की तारीख अंकित है। हालांकि, शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं है।
खरीदारों के लिए सावधानी जरूरी
इस मामले के मद्देनजर जमीन खरीदने वाले नागरिकों को संबंधित भूखंड के स्वामित्व दस्तावेज, 7/12 उतारा, भूमि के उपयोग की वैधानिक स्थिति, NA आदेश, स्वीकृत लेआउट और सक्षम प्राधिकरण की अनुमतियों की जांच करने के बाद ही कोई आर्थिक लेन-देन करने की सलाह दी जाती है।
अब सवाल यह है कि क्या WCL प्रशासन इस शिकायत की जांच कर संबंधित जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेगा? साथ ही, राजस्व विभाग और नगर रचना विभाग की ओर से कथित प्लॉटिंग की वैधानिकता की जांच की जाती है या नहीं, इस पर भी लोगों की नजर रहेगी।




